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उपलब्धियों की तुलना का नया तरीका

दुनिया में कम ही देश होंगे, जहां रोजमर्रा के सरकारी कामकाज को उपलब्धि माना जाता होगा। भारत में ट्रेन चलवाने या सड़क बनवाने या बिजली देने या उस तरह के दूसरे कामों को उपलब्धि माना जाता है। अब भारत में प्रधानमंत्री और उनके मंत्रियों ने इस उपलब्धि की जानकारी देने का नया तरीका निकाल लिया है। अब दुनिया के छोटे छोटे देशों के साथ तुलना करके बताया जाता है कि उसके मुकाबले भारत ने क्या कर लिया। जैसा हमेशा होता है, इसकी भी शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी ने खुद की है। वे अभी फ्रांस के एक लंबे दौरे पर गए थे। वहां एक कार्यक्रम में अपनी सरकार की उपलब्धियां बताते हुए उन्होंने कहा कि पूरे फ्रांस में जितने मकान हैं उतने मकान पक्के मकान उन्होंने भारत की जरुरतमंद जनता के लिए पिछले 12 साल में बनवा दिए।

सोचें, फ्रांस की कुल आबादी साढ़े छह करोड़ से कुछ ज्यादा है। अगर इसी तरह तुलना करें तो एक उत्तर प्रदेश में चार फ्रांस आ जाएंगे। ऐसा नहीं है कि अनजाने में यह बात कही गई। ऐसी बातों से पूरे राइटविंग इकोसिस्टम को एक बेसिस दिया जाता है, जिस पर वे प्रचार करते हैं। इस तुलना का कोई मतलब नहीं है। फ्रांस के लोग कैसे घरों में रहते हैं, कितना कमाते हैं और उनका जीवन स्तर क्या है इससे तुलना होनी चाहिए तो तुलना हो रही है कि उसके कुल घरों से ज्यादा घर बनवा दिए। ऐसा लग रहा, जैसे फ्रांस के लोग जैसे घरों में रहते हैं वैसी ही घर भारत मे जरुरतमंदों के लिए बनवा दिया गया! ध्यान रहे फ्रांस की प्रति व्यक्ति आय 30 लाख रुपए सालाना के करीब है, जबकि भारत में प्रति व्यक्ति आय अभी ढाई लाख रुपए सालाना तक नहीं पहुंची है।

बहरहाल, एक बार प्रधानमंत्री मोदी ने रास्ता दिखा दिया तो अब सभी मंत्रियों में उस रास्ते पर चलने की होड़ मचेगी। उसमें बाजी मार ली है कि रील बनवाने के लिए मशहूर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने।

जिस दिन प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस में यह बात कही थी उसके एक दिन बाद वैष्णव बिहार में थे। उनको छपरा से आनंद विहार दिल्ली के लिए एक साप्ताहिक ट्रेन का उद्घाटन किया। इस मौके पर रेल मंत्री ने कहा कि मलेशिया की कुल रेल लाइन के बराबर रेल लाइन भारत ने 12 साल में बिछा दी। सोचें, दुनिया में कितने देश हैं और उनमें से मलेशिया खोज कर उसकी कुल रेल लाइन से ज्यादा रेल लाइन बिछाने का दावा करने से पहले कितना रिसर्च करना पड़ा होगा! मोदी तो खैर फ्रांस में थे तो फ्रांस की बात कर दी लेकिन अश्विनी वैष्णव को बिहार में थे, उनको कहां से मलेशिया की याद आई! बहरहाल, उन्होंने बताया कि मलेशिया की कुल रेल लाइन 2,034 किलोमीटर है और भारत ने इससे ज्यादा रेल लाइन 12 साल में बिछा है।

वैसे अश्विनी वैष्णव ने यह दावा किया कि अगले कुछ दिनों में बुलेट ट्रेन बिहार से चलेगी और पटना से दिल्ली सिर्फ 4.41 घंटे में पहुंचेगी। नौ साल से उनकी सरकार अहमदाबाद से मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन चलाने के प्रयास में लगी है। अभी तक कामयाबी नहीं मिल पाई है। हालांकि रेल मंत्री से किसी ने पूछा नहीं कि उन्होंने अभी जिस ट्रेन का उद्घाटन किया है वह कितनी देर में दिल्ली पहुंचेगी? रेलवे की वेबसाइट पर बताया गया है कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जिस ट्रेन का उद्घाटन किया वह छपरा से दिल्ली के आनंद विहार की एक हजार किलोमीटर की दूरी साढ़े 17 घंटे में पूरी करेगी। ट्रेन की औसत रफ्तार 57 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है। लेकिन रेल मंत्री ने बिहार के लोगों को ढाई सौ किलोमीटर की रफ्तार से चलने वाली ट्रेन के बारे में बताया।

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