ईरानी सैनिकों के यूएस आर्मी के हेलीकॉप्टर पर हमला करते हुए वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। वीडियो वास्तविक घटना का नहीं है। इस वीडियो को एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से बनाया गया है। हालांकि, यह बात सही है कि ईरान ने यूएस आर्मी के एक हेलीकॉप्टर पर हमला किया है।
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर युद्ध की शुरुआत हो गई है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के पास यूएस आर्मी के एक हेलीकॉप्टर पर हमला करते हुए उसे मार गिराया है। इसी से जोड़कर सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ सैनिकों को एक हेलीकॉप्टर पर हमला करते हुए देखा जा सकता है। इसे शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह ईरानी सैनिकों का वीडियो है, जिन्होंने अमेरिका की ओर से किए गए हमले को नाकाम कर दिया है।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में वायरल वीडियो को फेक पाया। यह वीडियो वास्तविक घटना का नहीं है। इसे एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से बनाया गया है।
क्या हो रहा है वायरल ?
एक्स यूजर ‘INC NEWS’ ने 10 जून 2026 को वायरल वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “यह ज़बरदस्त सिनेमा है ब्रेकिंग न्यूज़: ईरान ने एक अरब डॉलर के अमेरिकी मिलिट्री एयरक्राफ्ट को गिराने के लिए 150 डॉलर कीमत वाले हथियार का इस्तेमाल किया। पहली बार, अमेरिका का सामना अपने असली दुश्मन से हुआ था।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखा जा सकता है।
पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो और किए जा रहे दावे से जुड़ी कोई विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली।
वीडियो को गौर से देखने पर हमने पाया कि इसमें दिख रहे सैनिकों के चेहरों की बनावट काफी अटपटी है। इतना ही नहीं, हमने सैनिकों की यूनिफॉर्म पर जब गौर किया, तो पाया कि एक सैनिक की यूनिफॉर्म पर यूएस का झंडा लगा हुआ है। ऐसे में हमें वीडियो के एआई से बने होने का संदेह हुआ।
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए वायरल वीडियो को एआई डिटेक्शन टूल्स के जरिए भी जांचा गया। हमने ‘Hive Moderation’ का इस्तेमाल किया और इस टूल ने वीडियो के एआई से बने होने की करीब 99 फीसदी संभावना जताई।

अतिरिक्त पुष्टि के लिए हमने अपने सहयोगी ‘टीआईए’ (पूर्व में एमसीए) की पहल ‘डीपफेक एनालिसिस यूनिट’ (डीएयू) से संपर्क किया। उन्होंने हमारे साथ कई अन्य डिटेक्शन टूल्स के एनालिसिस शेयर किए। इनमें ‘साइट इंजन’ की एनालिसिस ने 99 फीसदी तक वीडियो के एआई से बने होने के संकेत दिए।

‘डीपफेक एनालिसिस यूनिट’ (डीएयू) ने ‘AI or Not’ और ‘Image Whisperer’ की मदद से भी वीडियो का एनालिसिस किया गया। इन दोनों टूल्स ने वीडियो के एआई से बने होने की संभावना जताई।


डीएयू की टीम ने हमें अपने एनालिसिस में यह भी बताया कि हर सैनिक का चेहरा एक-दूसरे से मिलता-जुलता है और ऐसा लगता है मानो वे एक-दूसरे के क्लोन हैं। AI वीडियो में अक्सर इस तरह की खामियां देखने को मिलती हैं। भीड़-भाड़ वाले सीन में अलग-अलग लोगों के चेहरों पर एक समान चेहरा दिखाई देता है।

क्या है संदर्भ?
गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को लेकर कहा है कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका के एक हेलीकॉप्टर पर हमला किया और उसे मार गिराया। इसके बाद अमेरिका ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के कई इलाकों पर हमले किए हैं। पूरी रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच 28 फरवरी 2026 को युद्ध शुरू हुआ था और 8 अप्रैल को दोनों पक्षों के बीच युद्ध विराम लागू हुआ था। अब लेबनान को लेकर इजरायल और ईरान के बीच एक बार फिर जंग छिड़ती हुई नजर आ रही है। पूरी रिपोर्ट को यहां यहां और यहां पर पढ़ा जा सकता है।
अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले एक्स यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि इस यूजर को एक लाख से अधिक लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में पाया कि ईरानी सैनिकों के यूएस आर्मी के हेलीकॉप्टर पर हमला करते हुए वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। वीडियो वास्तविक घटना का नहीं है। इस वीडियो को एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से बनाया गया है। हालांकि, यह बात सही है कि ईरान ने यूएस आर्मी के एक हेलीकॉप्टर पर हमला किया है।

- Claim Review : ईरान ने अमेरिकी हेलीकॉप्टर पर हमला किया।
- Claimed By : X User-INC NEWS
- Fact Check : झूठ
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