बीजेपी का स्कार्फ पहने मुस्लिम समुदाय के लोगों के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा भ्रामक है। असल में वीडियो का पश्चिम बंगाल से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो असम का है और विधानसभा चुनाव से पहले का है।
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को मिली जीत के बाद से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में बीजेपी का स्कार्फ पहने कुछ मुस्लिम लोगों को देखा जा सकता है। इसे शेयर कर दावा किया जा रहा है कि बीजेपी की जीत के बाद से मुस्लिम समुदाय के लोगों ने तृणमूल कांग्रेस का साथ छोड़ बीजेपी से जुड़ना शुरू कर दिया है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा भ्रामक है। असल में वीडियो का पश्चिम बंगाल से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो असम का है और विधानसभा चुनाव से पहले का है।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘Sanatani Warrier’ ने 8 मई 2026 को वायरल पोस्ट शेयर करते हुए कैप्शन लिखा, “देख लो वरना BJP और TMC मे कोई अंतर नहीं रहेगा।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

अन्य यूजर्स भी मिलते-जुलते दावे के साथ इसे शेयर कर रहे हैं।
पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो का लंबा वर्जन ‘Ee Sanje News’ नाम के फेसबुक अकाउंट पर मिला। इस वीडियो को 27 मार्च 2026 को शेयर किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, वीडियो असम का है। बीजेपी नेता कृष्णेंद्र पाल की उपस्थिति में मुस्लिम समुदाय के कई लोग बीजेपी के साथ जुड़े थे।

हमें वीडियो का दूसरा वर्जन ‘Shaharuk Hussain’ और ‘Assam Live 24’ नाम के एक फेसबुक पेज पर अपलोड किया हुआ मिला। वीडियो को 27 मार्च 2026 को असम का बताते हुए शेयर किया गया था।
‘News18 Assam/Northeast’ और ‘Asom Live 24’ ने भी इस वीडियो को 26 मार्च 2026 को शेयर करते हुए असम का बताया था। कैप्शन में मौजूद जानकारी के अनुसार, वीडियो असम के पाथारकान्दी विधानसभा क्षेत्र का है।
पड़ताल के दौरान हमें दावे से जुड़ी एक पोस्ट बीजेपी नेता कृष्णेंद्र पाल के आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर भी मिली। इस पोस्ट को 26 मार्च 2026 को शेयर किया गया था। इसमें वायरल वीडियो से जुड़ी कई तस्वीरें मौजूद हैं। पोस्ट के मुताबिक, असम के पाथारकान्दी विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी नेता कृष्णेंद्र पाल की मौजूदगी में कई लोग पार्टी में शामिल हुए।
कृष्णेंद्र पाल 125 पथारकंडी विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वह असम सरकार के पूर्व मंत्रिमंडल का हिस्सा थे। वे सार्वजनिक विकास विभाग (पीएमजीएसवाई), पशुपालन एवं पशु चिकित्सा, मत्स्य पालन मंत्री थे।

अधिक जानकारी के लिए हमने कोलकाता में दैनिक जागरण के ब्यूरो चीफ जेके बाजपेयी से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल वीडियो बंगाल का नहीं है।
क्या है संदर्भ?
15 मार्च को केंद्रीय चुनाव आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल (23 और 29 अप्रैल), तमिलनाडु (23 अप्रैल), केरल (9 अप्रैल), असम (9 अप्रैल) और पुडुचेरी (9 अप्रैल) समेत चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव की तारीखों की घोषणा की, जिनके नतीजे चार मई 2026 को आए।
नतीजों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की 293 सीटों वाली विधानसभा में बीजेपी को 207 सीटें मिली हैं। वहीं तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमटकर रह गई। तो वहीं असम में बीजेपी को 82 सीटें मिली। हिमंत बिस्वा सरमा ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है।
अंत में हमने वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले फेसबुक यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को 24 हजार लोग फेसबुक पर फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि बीजेपी का स्कार्फ पहने मुस्लिम समुदाय के लोगों के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा भ्रामक है। असल में वीडियो का पश्चिम बंगाल से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो असम का है और विधानसभा चुनाव से पहले का है।

- Claim Review : पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत के बाद मुस्लिम समुदाय के लोग पार्टी में हुए शामिल।
- Claimed By : FB User Sanatani Warrier
- Fact Check : भ्रामक
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