मेदिनीनगर ( पलामू ) : जिले से पवित्र हज यात्रा पर जाने वाले जायरीनों के चेहरे पर जहाँ खुदा के घर जाने की खुशी थी, वहीं अपनों से बिछड़ने की टीस भी साफ़ दिख रही थी। मंगलवार की रात मेदिनीनगर रेलवे स्टेशन पर नजारा बेहद भावुक और उत्साहपूर्ण रहा, जब दर्जनों जायरीनों का जत्था मक्का-मदीना की मुकद्दस यात्रा के लिए रवाना हुआ।
स्टेशन पर उमड़ा जनसैलाब, समाजसेवी डब्लू सिंह ने किया भव्य स्वागत
इस विशेष अवसर पर मुख्य अतिथि पलामू के चर्चित युवा समाजसेवी गौतम सिंह उर्फ डब्लू सिंह स्वयं रेलवे स्टेशन पहुंचे। उन्होंने गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करते हुए हज यात्रियों का फूल-माला पहनाकर और गले मिलकर भव्य स्वागत किया। डब्लू सिंह ने एक-एक कर सभी जायरीनों से मुलाकात की और उनके सुखद, सुरक्षित और मंगलमय सफर की कामना करते हुए उन्हें विदा किया।
‘देश और पलामू की खुशहाली के लिए करें दुआ’
जायरीनों को विदा करते हुए समाजसेवी गौतम सिंह उर्फ डब्लू सिंह ने भावुक अपील की। उन्होंने कहा:
”हज की यात्रा केवल एक धार्मिक कर्तव्य नहीं है, बल्कि यह इंसानियत, त्याग और वैश्विक भाईचारे का सबसे बड़ा संदेश है। मेरी गुजारिश है कि जब आप खुदा के दरबार में सजदा करें, तो देश, प्रदेश और हमारे पलामू जिले की तरक्की, अमन-चैन और भाईचारे के लिए विशेष दुआ जरूर मांगें।”
भावुक हुए परिजन, गूंजे तकबीर के नारे
ट्रेन के स्टेशन पर पहुँचते ही माहौल पूरी तरह बदल गया। एक ओर परिजन अपने प्रियजनों को विदा करते समय भावुक हो रहे थे, तो दूसरी ओर ‘लबैक अल्लाह हुम्मा लबैक’ के नारों से पूरा परिसर गूँज उठा। जायरीनों ने भी अपने शुभचिंतकों का शुक्रिया अदा किया और पलामू की मिट्टी की खुशहाली के लिए दुआ करने का वादा किया।
इनकी रही गरिमामय उपस्थिति
इस विदाई समारोह के दौरान डब्लू सिंह के साथ पलामू जिला परिषद उपाध्यक्ष टूटू सिंह और राजू तिर्की मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इन नेताओं ने भी जायरीनों का उत्साहवर्धन किया और इस यात्रा को पलामू की एकता का प्रतीक बताया।
यह विदाई समारोह न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि पलामू की सांप्रदायिक सौहार्द की विरासत को भी और मजबूत कर गया।













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