व्हाइट हाउस डिनर पार्टी के दौरान गोली चलाने वाले हमलावर का नाम कोल टॉमस एलेन है और वह मुस्लिम नहीं है। घटना के बाद सुरक्षाकर्मियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। उसके मारे जाने का दावा भी गलत है।
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। अमेरिका में व्हाइट हाउस को कवर करने वाले पत्रकारों के लिए आयोजित डिनर के दौरान गोली चलाने वाले हमलावर को लेकर एक पोस्ट वायरल हो रही है। इसमें एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह हमलावर मुस्लिम था और सुरक्षाकर्मियों ने उसे मार दिया है। वीडियो में हॉल में मची अफरा-तफरी और चौकन्ने सुरक्षाकर्मियों को देखा जा सकता है।
विश्वास न्यूज ने इसकी जांच की तो पता चला कि डिनर पार्टी के दौरान चली गोली की घटना के वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। दरअसल, हमलावर का नाम कोल टॉमस एलेन है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
क्या है वायरल पोस्ट?
इंस्टाग्राम यूजर ‘public.ki.awaj’ ने 26 अप्रैल 2026 को वीडियो को शेयर (आर्काइव लिंक) कर लिखा, “डोनाल्ड ट्रंप पर हमला करने वाले जिहादी मोहम्मद इब्राहीम मैं मारी 70 गोलियां शरीर की बना दी मच्छरदानी।“

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने सबसे पहले इस बारे में कीवर्ड से गूगल पर सर्च किया। ‘बीबीसी’ की वेबसाइट पर 28 अप्रैल 2026 को छपी रिपोर्ट के अनुसार, “वॉशिंगटन में एक डिनर के दौरान राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की हत्या की कोशिश का आरोप कोल टॉमस एलेन पर लगा है। आरोपी लॉस एंजिल्स में अपने माता-पिता के साथ रहता था। आरोपी को 28 अप्रैल को कोर्ट में पेश किया गया। एक हलफनामे के अनुसार, जब वह डिनर के दौरान एक सुरक्षा चौकी से तेजी से गुजरा, तो उसके पास एक सेमी-ऑटोमैटिक हैंडगन, एक पंप-एक्शन शॉटगन और तीन चाकू थे। अधिकारियों का कहना है कि गोलीबारी में एक सीक्रेट सर्विस एजेंट घायल हो गया, जिसके बाद एलेन को काबू में किया गया।”
रिपोर्ट के मुताबिक, “एलेन कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में पढ़ाता था और पास के पासाडेना यूनाइटेड रिफॉर्म्ड चर्च में प्रार्थना के लिए जाता था। वहां के पादरी, मोवसेस जानबाजियन ने बताया कि वह चर्च की प्रार्थना सभाओं में आता और फिर वापस अपने विश्वविद्यालय चला जाता था।”

‘एनबीसी न्यूज’ की वेबसाइट पर 26 अप्रैल 2026 को छपी रिपोर्ट में भी आरोपी का नाम कोल टॉमस एलेन दिया गया है। इसमें घटना के समय का वीडियो भी अपलोड किया गया है, जिसमें गिरफ्तार किए गए आरोपी की तस्वीर भी देखी जा सकती है।
क्या है संदर्भ
‘बीबीसी’ की 27 अप्रैल 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, “25 अप्रैल को यह घटना हुई थी। वॉशिंगटन हिल्टन होटल की लॉबी में गोलियों की आवाज सुनाई दी, जहां नीचे के फ्लोर के बॉलरूम में व्हाइट हाउस को कवर करने वाले पत्रकारों के लिए डिनर चल रहा था। गोलियों की आवाज आने के बाद राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप, फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को सुरक्षा कर्मियों ने कमरे से बाहर निकाल लिया।”

इसके बाद हमने वायरल वीडियो का कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। ‘CBS Evening News’ के यूट्यूब चैनल पर इस घटना से संबंधित वीडियो न्यूज को 27 अप्रैल 2026 को अपलोड किया गया था। इसमें वायरल क्लिप के हिस्से को भी देखा जा सकता है।
इस बारे में हमने दैनिक जागरण में विदेश मामलों को कवर करने वाले विशेष संवाददाता जेपी रंजन से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि हमलावर का नाम कोल टॉमस एलेन है, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
घटना के वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। एक खास विचारधारा से प्रभावित यूजर के इंस्टाग्राम पर 26 हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं। यह अकाउंट अप्रैल 2026 में बना है।
निष्कर्ष: व्हाइट हाउस डिनर पार्टी के दौरान गोली चलाने वाले हमलावर का नाम कोल टॉमस एलेन है और वह मुस्लिम नहीं है। घटना के बाद सुरक्षाकर्मियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। उसके मारे जाने का दावा भी गलत है।

- Claim Review : व्हाइट हाउस डिनर पार्टी में गोली चलाने वाला मुस्लिम हमलावर मारा गया।
- Claimed By : Insta User- public.ki.awaj
- Fact Check : झूठ
टैग्स
अपनी प्रतिक्रिया दें




















Leave a Reply