बिना लाइसेंस और गंदगी के बीच चल रही दुकानों पर लगा जुर्माना, संचालकों में मचा हड़कंप
मेदिनीनगर (पलामू): शहर में आम जनमानस के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों और असुरक्षित खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार, 27 अप्रैल 2026 को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मेदिनीनगर के सुदना क्षेत्र स्थित गायत्री मंदिर रोड पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी लव कुमार गुप्ता के नेतृत्व में हुई इस औचक कार्रवाई से पूरे बाजार क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति रही। कई दुकानदार कार्रवाई के डर से शटर गिराते नजर आए।
बिना लाइसेंस चल रही थीं दुकानें, बरामद हुआ एक्सपायरी सामान
निरीक्षण के दौरान सबसे बुरा हाल अंशिका जनरल स्टोर और अंदाज किराना स्टोर का पाया गया। ये दोनों बड़े प्रतिष्ठान बिना किसी वैध खाद्य अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) के संचालित हो रहे थे। जांच टीम तब दंग रह गई जब इन दुकानों के रैक पर बड़ी मात्रा में समय सीमा समाप्त (एक्सपायरी) हो चुके खाद्य पदार्थ बिक्री के लिए रखे मिले। इसके अलावा, भंडारण क्षेत्र में भारी गंदगी और नमी पाई गई, जो जन स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। विभाग ने दोनों संचालकों पर तत्काल आर्थिक दंड लगाते हुए भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी दी है।
इसी कड़ी में मनीष जनरल स्टोर और छोटू जनरल स्टोर भी बिना लाइसेंस के कारोबार करते पकड़े गए। विभाग ने उन्हें जल्द से जल्द अनिवार्य लाइसेंस प्राप्त करने का कड़ा निर्देश दिया है।
बेकरी और अन्य प्रतिष्ठानों को सुधार की चेतावनी
जांच दल ने क्षेत्र की प्रसिद्ध उजाला बेकरी, केक स्टार और साहू किराना एंड जनरल स्टोर का भी बारीकी से मुआयना किया। हालांकि, इन जगहों पर स्थिति अन्य दुकानों की तुलना में संतोषजनक मिली, फिर भी हाइजीन और मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) में कमी पाए जाने पर संचालकों को अपनी कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए गए।
गर्मी का बढ़ता प्रकोप: विभाग ने दी विशेष हिदायत
छापेमारी के बाद खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी लव कुमार गुप्ता ने कहा कि वर्तमान में भीषण गर्मी और उमस का मौसम है। ऐसी स्थिति में बंद स्थानों पर रखे खाद्य पदार्थों में फंगस लगने या उनके जल्दी खराब होने की प्रबल संभावना रहती है। उन्होंने व्यापारियों को निर्देश दिया कि:
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- प्रतिष्ठान में सड़े-गले या बासी सामान को बिल्कुल न रखें और उन्हें तुरंत नष्ट करें।
- पैकेज्ड फूड पर FSSAI नंबर, निर्माण तिथि (MFG) और एक्सपायरी डेट की जांच नियमित रूप से करें।
- उपभोक्ताओं को केवल ताजी और गुणवत्तापूर्ण सामग्री ही उपलब्ध कराएं।
“जन स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उपभोक्ताओं की सेहत के साथ समझौता करने वाले किसी भी कारोबारी को बख्शा नहीं जाएगा। यह अभियान अभी थमेगा नहीं, बल्कि पूरे जिले में निरंतर जारी रहेगा।” — लव कुमार गुप्ता, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी
प्रशासन की इस सक्रियता से जहां उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली है, वहीं नियमों की अनदेखी करने वाले व्यापारियों में डर का माहौल है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में पकड़े जाने पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि दुकानों को सील करने और प्राथमिकी दर्ज करने जैसी कठोर कार्रवाई भी की जा सकती है।













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