मेदिनीनगर,पलामू : कभी नक्सलियों के गढ़ और अशांत क्षेत्र के रूप में पहचाना जाने वाला पलामू का ‘चक’ इलाका आज अपनी बदली हुई पहचान के कारण चर्चा में है। हिंसा की खबरों के बजाय अब यहाँ से सफलता की गूंज सुनाई दे रही है। इसी क्रम में चक की होनहार बेटी प्रीति कुमारी ने मैट्रिक परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे जिले का नाम रोशन किया है।
शानदार उपलब्धि: 97.8% अंकों के साथ हासिल किया प्रथम स्थान
प्रीति कुमारी ने मैट्रिक (10वीं) की परीक्षा में 488 अंक (97.8%) प्राप्त किए हैं। इस उत्कृष्ट स्कोर के साथ उन्होंने न केवल अपने स्कूल, बल्कि पूरे पलामू जिले में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उनकी इस उपलब्धि पर पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है और लोग उन्हें जिले की ‘शिक्षा दूत’ के रूप में देख रहे हैं।
सीमित संसाधन, असीमित हौसला
प्रीति ‘पीएम श्री स्तरोन्नत उच्च विद्यालय, चक’ की छात्रा हैं। उनकी सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने यह मुकाम बेहद सीमित संसाधनों के बीच अपनी कड़ी मेहनत और अटूट लगन के दम पर हासिल किया है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि:
- पिता: संजय मालाकार (चक बाजार में एक छोटी सी श्रृंगार की दुकान चलाते हैं)।
- माता: ममता देवी (गृहिणी)।
- भाई-बहन: प्रीति अपने दो भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़ी हैं।
सफलता का मंत्र: नियमितता और अनुशासन
अपनी सफलता का श्रेय प्रीति ने अपने माता-पिता के निस्वार्थ सहयोग और अपने शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन को दिया है। प्रीति का मानना है कि पढ़ाई में नियमितता (Consistency) और अनुशासन (Discipline) ही वह कुंजी है, जिसने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया।
”मुझे अच्छे परिणाम की उम्मीद तो पहले से थी, लेकिन जिला टॉपर बनना एक सुखद अहसास है। मेरी यह सफलता उन सभी के लिए है जो मुश्किल हालात में भी बड़े सपने देखते हैं।” – प्रीति कुमारी
क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण
प्रीति की इस जीत ने यह साबित कर दिया है कि यदि प्रतिभा को सही दिशा मिले, तो वह किसी भी भौगोलिक या सामाजिक बाधा को पार कर सकती है। पलामू के चक इलाके में शिक्षा के प्रति आए इस बदलाव को प्रशासन और स्थानीय लोग एक नई क्रांति के रूप में देख रहे हैं। प्रीति अब अपने क्षेत्र की अन्य लड़कियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।













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