Advertisement

कोषागार से अवैध निकासी पर लगेगा अंकुश, उपायुक्त ने डीडीओ को दिए कड़े निर्देश

सत्यापन के बिना नहीं होगा वेतन भुगतान, वित्तीय अनुशासन के लिए बिलिंग क्लर्कों का होगा तबादला

मेदिनीनगर : जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने शुक्रवार को टाउन हॉल में जिले के सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों (DDO) के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी धन की निकासी में वैसी ही सतर्कता बरती जाए, जैसी हम अपने निजी पैसों के खर्च में बरतते हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि कोषागार प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए ताकि अनियमितता की कोई गुंजाइश न रहे।

बिना सत्यापन के वेतन पर रोक

​उपायुक्त श्री शेखावत ने सख्त लहजे में कहा कि वेतन भुगतान से पहले प्रत्येक कर्मी का समुचित सत्यापन अनिवार्य है। उन्होंने निर्देश दिया कि:

  • ​कर्मियों के नाम, पदनाम, जन्म तिथि और नियुक्ति तिथि का मिलान सर्विस बुक एवं मूल अभिलेखों से किया जाए।
  • ​बैंक खाता संख्या और आईएफएससी (IFSC) कोड का सत्यापन रद्द चेक या पासबुक के माध्यम से ही हो।
  • ​अभिलेखों में कर्मियों के पैन (PAN), मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी जैसे विवरणों को अनिवार्य रूप से अद्यतन (Update) रखा जाए।

कर्मचारी प्रोफाइल होगा फ्रीज

​बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी कर्मियों के ‘एम्पलाई प्रोफाइल’ को पूर्ण रूप से अपडेट कर उसे फ्रीज किया जाएगा। विशेष परिस्थितियों में ही इसे अनफ्रीज किया जा सकेगा, जिसकी कड़ी निगरानी होगी। उपायुक्त ने डीडीओ लेवल मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए सभी प्रविष्टियों को ऑनलाइन अपडेट करने और आईटीसी (ITC) कोड के अनुरूप सत्यापन करने पर बल दिया।

सुरक्षा और वित्तीय अनुशासन के कड़े मानक

​वित्तीय सुरक्षा को लेकर उपायुक्त ने निर्देश दिया कि:

  1. ओटीपी (OTP) की गोपनीयता: कोई भी पदाधिकारी अपना ओटीपी किसी के साथ साझा नहीं करेंगे।
  2. आईडी प्रबंधन: अस्थायी आईडी के दुरुपयोग को रोकने के लिए अनावश्यक आईडी को तत्काल हटाया जाए।
  3. कर्मियों का तबादला: वित्तीय अनुशासन मजबूत करने के लिए तीन साल से एक ही पद पर जमे बिलिंग क्लर्कों का स्थानांतरण या कार्य परिवर्तन सुनिश्चित किया जाए।
  4. विशेष निगरानी: जिन कार्यालयों में केवल एक ही लिपिक कार्यरत है, वहां विशेष निगरानी रखी जाएगी।

प्रमाण-पत्र के बिना नहीं होगा भुगतान

​उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सभी दिशा-निर्देशों के अनुपालन के प्रमाण स्वरूप डीडीओ को विपत्रों (Bills) पर एक प्रमाण-पत्र अंकित करना होगा। बिना इस प्रमाण-पत्र के कोषागार से किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं किया जाएगा।

​इससे पूर्व, अपर समाहर्ता कुंदन कुमार एवं कोषागार पदाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को ट्रेजरी से जुड़े विभिन्न नियमों और तकनीकी बारीकियों की जानकारी दी।

बैठक में मुख्य उपस्थिति:

इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर समाहर्ता कुंदन कुमार, एलआरडीसी प्यारे लाल, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक सहित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), अंचलाधिकारी (CO) एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright 2026. All right reserved. Loktantra TV News Website Design by E- MEDIA Web & App - 7999906109
error: Content is protected !!