मेदिनीनगर : पलामू के नव पदस्थापित उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत मंगलवार को एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने पांकी प्रखंड का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक महकमे और शैक्षणिक संस्थानों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान जहाँ उन्होंने कस्तूरबा विद्यालय में छात्राओं के साथ समय बिताकर उनका उत्साहवर्धन किया, वहीं प्रखंड व अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए कर्मियों को कार्य संस्कृति में सुधार लाने की सख्त हिदायत दी।
छात्राओं को दिया गुरुमंत्र: “लक्ष्य के प्रति रहें सजग”
निरीक्षण की शुरुआत उपायुक्त ने पीएम श्री कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका उच्च विद्यालय (KGBV) से की। विद्यालय पहुँचने पर वार्डन साधना कुमारी और छात्राओं ने उनका स्वागत किया। उपायुक्त सीधे क्लासरूम में पहुँचे और एक शिक्षक की भूमिका में नजर आए। उन्होंने छात्राओं की क्लास ली और उन्हें जीवन में बड़ा लक्ष्य निर्धारित करने तथा उसे पाने के लिए कड़ी मेहनत करने का गुरुमंत्र दिया।
- मोबाइल के उपयोग पर नसीहत: उन्होंने छात्राओं को आगाह करते हुए कहा कि तकनीक वरदान है, बशर्ते उसका सही इस्तेमाल हो। उन्होंने सलाह दी कि मोबाइल का प्रयोग केवल पढ़ाई के लिए करें और अनावश्यक रूप से स्क्रीन पर समय बर्बाद न करें।
- सुविधाओं की जाँच: उपायुक्त ने विद्यालय में भोजन की गुणवत्ता, आवास और शैक्षणिक स्तर की समीक्षा की। उन्होंने मौके पर स्कूली बैग्स की क्वालिटी चेक की और स्वयं छात्राओं के बीच बैग का वितरण किया।
प्रखंड कार्यालय में मचा हड़कंप, कार्यशैली पर जताई नाराजगी
स्कूल के बाद उपायुक्त का काफिला अचानक प्रखंड सह अंचल कार्यालय पहुँचा। उनके औचक आगमन से दफ्तर में अफरा-तफरी मच गई। प्रखंड प्रमुख पंचम प्रसाद ने पुष्प गुच्छ देकर उनका स्वागत किया, लेकिन उपायुक्त का रुख कार्यालयी कामकाज को लेकर काफी कड़ा रहा।
विभिन्न शाखाओं के निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि कई मामले लंबित पड़े हैं। उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा:
”जनता के कार्यों में पारदर्शिता बरतें और समय सीमा के भीतर मामलों का निष्पादन करें। जवाबदेही तय की जाएगी और कार्यशैली में ढिलाई किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी।”
ग्रामीणों की सुनी समस्याएं, मौके पर दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान कार्यालय परिसर में मौजूद ग्रामीणों ने उपायुक्त को घेर लिया और अपनी समस्याएं साझा कीं। ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा करना है, इसमें लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर गाज गिरना तय है।













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