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“शीशों पर चढ़ा काला ‘गुमान’ हुआ साफ, पलामू की सड़कों पर अब कानून का इंसाफ।”

मेदिनीनगर : पलामू जिले में नए पुलिस अधीक्षक (एसपी) के पदभार संभालते ही कानून व्यवस्था की तस्वीर बदलती नजर आ रही है। जिले की सड़कों पर अब रसूख की काली पट्टी नहीं, बल्कि कानून का राज चलेगा। सोमवार को पांकी-मेदिनीनगर मुख्य मार्ग स्थित टेढ़वा पुल पर पुलिस के बदले हुए तेवर ने यह साफ कर दिया कि नियम तोड़ने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है।

अचानक कार्रवाई से हड़कंप, मौके पर ही फाड़ी गई ब्लैक फिल्म

​सोमवार को टेढ़वा पुल के दोनों ओर भारी पुलिस बल की तैनाती देखकर वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। नए पुलिस कप्तान के निर्देश पर चलाए गए इस विशेष अभियान का मुख्य केंद्र बिंदु वाहनों के शीशों पर लगी ब्लैक फिल्म रही। जांच के दौरान जैसे ही कोई वाहन काली फिल्म के साथ दिखा, पुलिस ने उसे रोककर मौके पर ही फिल्म हटवाई। इस दौरान कई वाहन चालकों ने रसूख दिखाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सख्ती के आगे किसी की एक न चली।

डीएसपी के नेतृत्व में चला अभियान: ‘कानून से ऊपर कोई नहीं’

​इस बड़े अभियान का नेतृत्व पलामू के डीएसपी राजेश कुमार कर रहे थे। टीम में शहर थाना प्रभारी ज्योति लाल रजवार, ट्रैफिक प्रभारी सत्येंद्र दुबे और टीओपी-2 प्रभारी राकेश कुमार सहित भारी संख्या में जवान मुस्तैद थे।

​अभियान के दौरान डीएसपी राजेश कुमार ने कड़े लहजे में कहा:

​”वाहनों में ब्लैक फिल्म लगाना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह सुरक्षा के लिहाज से भी बड़ा खतरा है। नए एसपी साहब का स्पष्ट निर्देश है कि जिले में यातायात नियमों का शत-प्रतिशत पालन कराया जाए। जो भी नियमों के विरुद्ध जाएगा, उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना ही होगा।”

 

समाजसेवी के वाहन पर भी गिरी गाज

​पुलिस की इस निष्पक्ष कार्रवाई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जाँच के दौरान समाजसेवी राजू तिर्की के वाहन को भी रोका गया। उनके वाहन पर लगी ब्लैक फिल्म को पुलिस ने तत्काल हटवा दिया। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें सख्त हिदायत दी कि भविष्य में नियमों का उल्लंघन करने पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा और पारदर्शिता पर जोर

​पुलिस के अनुसार, ब्लैक फिल्म का उपयोग अक्सर आपराधिक गतिविधियों को छिपाने के लिए किया जाता है। इसके हटने से सड़कों पर पारदर्शिता बढ़ेगी और संदिग्ध वाहनों की पहचान आसान होगी। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की सख्ती से न केवल अपराध पर लगाम लगेगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।

जिले में चर्चा का विषय बना पुलिस का नया तेवर

​पलामू में नेतृत्व परिवर्तन के साथ ही पुलिस की इस सक्रियता ने आम जनता में विश्वास जगाया है। लोगों के बीच यह चर्चा आम है कि अब “पॉकेट और पहुंच” के दम पर कानून तोड़ना मुमकिन नहीं होगा। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में यह अभियान और भी तेज किया जाएगा।

​इस विशेष अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिले के अनुभवी पुलिस अधिकारियों की टीम ने मोर्चा संभाला। डीएसपी राजेश कुमार ने स्वयं मौके पर खड़े होकर एक-एक वाहन की बारीकी से जांच करवाई। उनके साथ शहर थाना प्रभारी ज्योति लाल रजवार भी पूरी सक्रियता के साथ नजर आए, जो टीम को दिशा-निर्देश दे रहे थे। वहीं, सड़कों पर यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगाम कसने के लिए ट्रैफिक प्रभारी सत्येंद्र दुबे ने कमान संभाली। अभियान के दौरान टीओपी-2 प्रभारी राकेश कुमार भी अपने दल-बल के साथ मुस्तैद रहे, ताकि कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। पुलिस अधिकारियों की इस भारी मौजूदगी ने यह साफ संदेश दिया कि अब नियमों की अनदेखी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

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