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Fact Check: Old Video Shared as Iran Attacking Oil Tanker in Hormuz Strait

ईरान की मंजूरी लिए बिना होर्मुज स्ट्रेट को पार कर रहे पाकिस्तानी तेल टैंकर को ईरानी सेना द्वारा ड्रोन से निशाना बनाए जाने के दावे से वायरल हो रहा वीडियो माल्टा के झंडे वाला कंटेनर शिप (सफीन प्रेस्टीज) है, जो फारस की खाड़ी में अज्ञात हमले का शिकार होने के बाद क्षतिग्रस्त हो गया था। इस जहाज का आखिरी ज्ञात लोकेशन फारस की खाड़ी था, जो संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शारजाह पोर्ट से चला था लेकिन अपने गंतव्य पर पहुंचने से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गया।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के बीच, ईरान के भारत समेत चार अन्य ‘मित्र देशों’ को होर्मुज स्ट्रेट से अपने जहाजों को निकालने की अनुमति दिए जाने की घोषणा के बाद सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो को शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में  एक कार्गो शिप (मालवाहक जहाज) को धूं-धूं कर जलते हुए देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि यह शिप ईरान की मंजूरी के बिना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करने की कोशिश कर रहा था, जिसके बाद ईरानी ड्रोन ने इसे निशाना बनाते हुए हमला किया। कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो को पाकिस्तानी ध्वज वाले तेल टैंकर को ईरानी मिसाइलों द्वारा नष्ट किए जाने के दावे से शेयर किया है।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को फेक पाया। यह सही है कि युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज स्ट्रेट लगभग बंद है, लेकिन ईरानी ड्रोन से पाकिस्तान के झंडे वाले कार्गो शिप को निशाना बनाए जाने के दावे से वायरल हो रहा यह माल्टा के झंडे वाला कंटेनर शिप (सफीन प्रेस्टीज) था, जो होर्मुज स्ट्रेट की तरफ जाते हुए एक हमले की चपेट में आने के बाद बाद क्षतिग्रस्त हो गया था। इस जहाज की आखिरी ज्ञात लोकेशन फारस की खाड़ी थी, जो संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शारजाह पोर्ट से चला था लेकिन अपने गंतव्य पर पहुंचने से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गया।

क्या है वायरल?

एक्स यूजर ‘IranDefenceForce’ ने इस वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “BREAKING: Reports suggest Iran has struck another oil tanker in the Strait of Hormuz for violating restrictions. Situation escalating.” (“ब्रेकिंग: रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने प्रतिबंधों का उल्लंघन करने के आरोप में होर्मुज जलडमरूमध्य में एक और तेल टैंकर पर हमला किया है। हालात बिगड़ते जा रहे हैं।”)

सोशल मीडिया यूजर ‘ZakirAliTyagi’ ने 27 मार्च 2026 को वायरल वीडियो को एक्स पर शेयर करते हुए लिखा, “ईरान की बिना अनुमति स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मोज से गुजर रहे तेल टैंकर वाले शिप का हाल।” हालांकि, अब इस वीडियो को डिलीट किया जा चुका है। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर इस वीडियो को समान संदर्भ में शेयर किया जा रहा है।

कई अन्य यूजर्स (आर्काइव लिंक) ने इस वीडियो को पाकिस्तानी ध्वज वाले तेल टैंकर को ईरानी मिसाइलों द्वारा नष्ट किए जाने के दावे से शेयर किया है।

पड़ताल

न्यूज सर्च में हमें ऐसी कई रिपोर्ट्स मिलीं, जिनमें ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के उस बयान का जिक्र है, जिसमें उन्होंने कहा, ”भारत और चार अन्य ‘मित्र देशों’ को होर्मुज जलडमरूमध्य से अपने जहाजों को ले जाने की अनुमति दी गई है।” ‘द हिंदू’ की 26 मार्च 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, ”अब्बास अराघची ने यह भी कहा कि तेहरान ने फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाले इस जलमार्ग पर अपनी ‘संप्रभुता’ को कायम कर लिया है।”

मुंबई स्थित ईरान के महावाणिज्य दूतावास के आधिकारिक एक्स हैंडल से ईरान के विदेश मंत्री के इस बयान को 26 मार्च 2026 को साझा किया गया है, जिसमें उन्होंने चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान जैसे ‘मित्र देशों’ के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की मंजूरी दिए जाने का जिक्र किया है।

न्यूज सर्च में हमें ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली, जिसमें ईरान की मंजूरी के बिना होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे किसी कार्गो शिप या पाकिस्तानी कार्गो शिप को निशाना बनाए जाने की घटना का जिक्र हो।

जांच की शुरुआत में हमने इस वीडियो के की-फ्रेम्स को बारीकी से जांचा। एक फ्रेम में हमें शिप के एक हिस्से पर ‘SAFEEN’ लिखा हुआ नजर आया। इस कीवर्ड के आधार पर न्यूज सर्च में हमें न्यूज एजेंसी ‘रॉयटर्स’ की चार मार्च 2026 की रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, “शिपिंग सूत्रों के अनुसार, माल्टा का झंडा लगा कंटेनर जहाज ‘सफीन प्रेस्टीज’ बुधवार को होर्मुज स्ट्रेट जलडमरूमध्य की ओर जाते समय एक हमले की वजह से क्षतिग्रस्त हो गया।” रिपोर्ट के अनुसार, “ब्रिटिश समुद्री जोखिम प्रबंधन कंपनी ‘वैनगार्ड’ ने बताया कि इस जहाज पर 1109 GMT पर होर्मुज स्ट्रेट में पूर्व की ओर से गुजरते समय, ओमान से लगभग दो नॉटिकल मील उत्तर में हमला हुआ।”

marinetraffic.com के डेटा से इसकी पुष्टि होती है। इस डेटा के मुताबिक, ‘सफीन प्रेस्टीज’ माल्टा के झंडे वाला कंटेनर शिप है। 31 मार्च के डेटा के मुताबिक, इस कंटेनर शिप को आखिरी बार 26 दिन और 11 घंटे पहले ओमान की खाड़ी में देखा गया था, जो अब आउट ऑफ रेंज है।

Source: www.marinetraffic.com

शिपिंग ट्रैकर में इसकी आखिरी रिपोर्टेड लोकेशन को देखा जा सकता है, जो फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के मध्य में है। इसी वेबसाइट पर हमें इस शिप की एक तस्वीर मिली, जो वायरल वीडियो में नजर आ रहे क्षतिग्रस्त जहाज से मेल खाती है और इस पर लदा कंटेनर भी वायरल वीडियो में क्षतिग्रस्त नजर आ रहा है।

vesselfinder.com का डेटा भी इस शिप का आखिरी रिपोर्टेड लोकेशन (फारस की खाड़ी) 27 दिन पहले का बता रहा है। यानी चार मार्च, इस शिप की आखिरी ज्ञात लोकेशन थी। यह जहाज तीन मार्च को 19.53 UTC पर संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह से रवाना हुआ था, लेकिन यह अपने गंतव्य पर पहुंच नहीं पाया।

Source: www.vesselfinder.com

वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने विदेश मामलों के वरिष्ठ पत्रकार उमाशंकर सिंह से संपर्क किया। उन्होंने इस दावे को पूरी तरह फेक बताया। सिंह ने स्पष्ट किया कि पिछले कुछ दिनों में ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे किसी भी जहाज को निशाना बनाए जाने की कोई आधिकारिक सूचना या रिपोर्ट नहीं मिली है।

गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में होर्मुज़ जलडमरूमध्य में थाईलैंड के एक मालवाहक जहाज पर हमला हुआ था, जो ईरान के केशम द्वीप के पास फंसा हुआ है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, थाईलैंड ने बताया कि जहाज के पिछले हिस्से (स्टर्न) में हुए एक धमाके के बाद, जिससे इंजन रूम में आग लग गई थी, 20 क्रू सदस्यों को ओमान की नौसेना ने बचा लिया, जबकि तीन लोग अभी भी लापता हैं। इस जहाज का नाम ‘मयूरी नारी’ है।

क्या है संदर्भ?

acleddata.com’ पर मौजूद ईरान संकट इंडेक्स के मुताबिक, 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की शुरुआत की थी, जो अब भी जारी है। इस इंडेक्स में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई, ईरानी पलटवार और अमेरिका-इजरायल की संयुक्त कार्रवाई के ठिकानों की जानकारी देखी जा सकती है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौजूदा युद्ध के कारण ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी की हुई है, जिसकी वजह से वैश्विक तेल आपूर्ति का संकट खड़ा हो गया है। इस संकट से एशियाई देश भी बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। राज्यसभा में इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के मुताबिक, “होर्मुज स्ट्रेट में दुनिया के अनेक जहाज फंसे हैं, उनमें बहुत बड़ी संख्या में भारतीय क्रू मेंबर्स हैं। यह भी भारत के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है।”

गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट विश्व व्यापार के सबसे बड़े रूट्स (रास्तों) में से एक है। विशेष तौर पर कच्चे तेल, गैस और फर्टिलाइजर से जुड़ा परिवहन इस क्षेत्र से बहुत बड़ी मात्रा में होता है। पीएम मोदी के बयान के मुताबिक, “युद्ध के बाद से ही होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों का आना-जाना बहुत चुनौतीपूर्ण हो गया है, लेकिन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद हमारी सरकार ने संवाद और कूटनीति के माध्यम से रास्ता बनाने का प्रयास किया है। प्रयास यह है कि जहां से भी संभव हो, वहां से तेल और गैस की सप्लाई भारत पहुंचे। ऐसी हर कोशिश के नतीजे भी देश देख रहा है। बीते कुछ दिनों में दुनिया के अनेक देशों से कच्‍चा तेल और एलपीजी से भरे जहाज भारत आए हैं। इस दिशा में हमारे प्रयास आने वाले दिनों में भी जारी रहेंगे।”

वायरल वीडियो को फेक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर को एक्स पर करीब 80 हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। इस वेरिफाइड हैंडल का नाम ‘IranDefenceForce’ है, जिससे इसके ईरान की सेना का आधिकारिक हैंडल होने का भ्रम होता है। हालांकि, यह हैंडल दक्षिण एशिया स्थित है और यह तीन बार अपने यूजर नेम में बदलाव कर चुका है। आखिरी बार यह बदलाव जनवरी 2026 में हुआ था।

निष्कर्ष: ईरान की मंजूरी लिए बिना होर्मुज स्ट्रेट को पार कर रहे पाकिस्तानी तेल टैंकर को ईरानी सेना द्वारा ड्रोन से निशाना बनाए जाने के दावे से वायरल हो रहा वीडियो माल्टा के झंडे वाला कंटेनर शिप (सफीन प्रेस्टीज) है, जो फारस की खाड़ी में अज्ञात हमले का शिकार होने के बाद क्षतिग्रस्त हो गया था। इस जहाज का आखिरी ज्ञात लोकेशन फारस की खाड़ी था, जो संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शारजाह पोर्ट से चला था लेकिन अपने गंतव्य पर पहुंचने से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गया।


  • Claim Review : बिना मंजूरी होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे पाकिस्तानी ऑयल टैंकर पर ईरान ने किया ड्रोन से हमला।
  • Claimed By : X User-IranDefenceForc
  • Fact Check : झूठ




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