मेदिनीनगर, (पलामू): पांकी विधानसभा क्षेत्र के दिग्गज नेता और गरीबों के मसीहा कहे जाने वाले पूर्व विधायक स्वर्गीय विदेश सिंह जी की 10वीं पुण्यतिथि शनिवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। विदेश नगर (पदमा चौक) स्थित उनके प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा, जिससे यह साबित हो गया कि आज भी पांकी की जनता के दिलों में अपने प्रिय नेता के प्रति सम्मान कम नहीं हुआ है।
पुष्पांजलि और भावभीनी श्रद्धांजलि
पुण्यतिथि के इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित उनके पुत्र सह पूर्व विधायक देवेन्द्र कुमार सिंह उर्फ बिट्टू सिंह ने अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि उनके पिता केवल एक विधायक नहीं, बल्कि पांकी की मिट्टी के ऐसे लाल थे जिन्होंने अपना पूरा जीवन गरीबों की सेवा और क्षेत्र के विकास में झोंक दिया।
इस मौके पर तरहसी मुखिया पंकज कुमार सिंह, मेदिनीनगर के उप महापौर मनोज सिंह, चर्चित युवा समाजसेवी बबलू सिंह, और राकेश सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्तियों और सैकड़ों समर्थकों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। समर्थकों के ‘विदेश सिंह अमर रहें’ के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
गरीबों के मसीहा और ‘पांकी के शेर’
विदेश सिंह जी को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उन्हें “पांकी का शेर” इसलिए कहा जाता था क्योंकि वे निर्भीक होकर जनता की समस्याओं के लिए लड़ते थे।
- मिट्टी से जुड़ाव: वे क्षेत्र के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचने वाले नेता थे।
- विकास के प्रति समर्पण: उनके कार्यकाल में पांकी और मनातू के दूर-दराज के क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का जो विस्तार हुआ, उसे आज भी मील का पत्थर माना जाता है।
- मसीहा की छवि: किसी की शादी-ब्याह हो या बीमारी, विदेश सिंह जी का दरवाजा हर गरीब के लिए हमेशा खुला रहता था।
संकल्प का दिन
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे विदेश सिंह जी के बताए हुए पदचिह्नों पर चलेंगे। पूर्व विधायक बिट्टू सिंह ने कहा कि उनके पिता का अधूरा सपना पांकी को एक आदर्श विधानसभा बनाना था, जिसे पूरा करने के लिए वे और उनके समर्थक दिन-रात प्रयासरत रहेंगे।
आज के इस जनसैलाब ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि राजनीति के मंच से भले ही विदेश सिंह जी चले गए हों, लेकिन उनकी विरासत और जनसेवा की राजनीति आज भी पांकी विधानसभा की धड़कन बनी हुई है।













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