मेदिनीनगर,( पलामू ) : मजदूर किसान महाविद्यालय, डंडारकला के मेदिनीराय सभागार में 24 सितंबर को राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) का 57वां स्थापना दिवस भव्य एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दिलीप राम ने विद्या की देवी मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर किया। इसके पश्चात एनएसएस के आधिकारिक गीत और छात्राओं द्वारा प्रस्तुत भावपूर्ण स्वागत गान से समारोह की औपचारिक शुरुआत हुई।
57 मोमबत्तियां जलाकर काटा गया केक
स्थापना दिवस के इस अवसर का मुख्य आकर्षण 57 मोमबत्तियां जलाकर केक काटना रहा। एनएसएस कोऑर्डिनेटर डॉ. बंशीधर सिंह ने स्वयंसेवकों, सेविकाओं और महाविद्यालय परिवार के सदस्यों के साथ इस पल को साझा किया। सभागार में प्रज्वलित 57 मोमबत्तियों की रोशनी ने उपस्थित युवाओं के बीच समाज सेवा और समर्पण के संकल्प को जीवंत कर दिया।
सेवा भाव को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान
विषय प्रवेश कराते हुए एनएसएस कोऑर्डिनेटर डॉ. बंशीधर सिंह ने कहा कि,
“एनएसएस केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि युवाओं को समाज से जोड़ने और उनमें अनुशासन, चरित्र निर्माण तथा जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम है।”
समाजशास्त्र के प्राध्यापक डॉ. जमशेद आलम ने एनएसएस की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महाविद्यालय के स्वयंसेवकों ने राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त कर संस्थान और अपने परिवार का नाम रोशन किया है। उन्होंने नए विद्यार्थियों को पूर्ववर्ती स्वयंसेवकों के कार्यों से प्रेरणा लेने का सुझाव दिया।
सांस्कृतिक संध्या में झूमा सभागार
मंच संचालन में डॉ. पूनम कुमारी के सहयोग से आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर एक नृत्य और संगीत की प्रस्तुतियां दीं। युवाओं के उत्साह और सांस्कृतिक छटा ने पूरे सभागार को तालियों की गड़गड़ाहट से सराबोर कर दिया।
”युवाओं में देशसेवा का जुनून आग की तरह जलता रहे” — प्राचार्य
अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ. दिलीप कुमार राम ने एनएसएस से जुड़े अपने शुरुआती अनुभवों और चुनौतियों को साझा किया। उन्होंने कहा,
”युवाओं में देशसेवा की भावना और जुनून हमेशा आग की तरह प्रज्वलित रहना चाहिए। यदि युवाओं की ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगे, तो समाज में अभूतपूर्व बदलाव लाया जा सकता है।”
उन्होंने विद्यार्थियों से समाज के जरूरतमंदों की सहायता करने और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।
समारोह का समापन
कार्यक्रम के अंत में आईक्यूएसी (IQAC) कोऑर्डिनेटर डॉ. राजीव रंजन ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी प्राध्यापकों, कर्मचारियों, एनएसएस स्वयंसेवकों, एनसीसी कैडेट्स तथा छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मी और सैकड़ों की संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।













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