पश्चिम एशिया में चल रही जंग के बीच इजरायल में एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट की इमारतों पर ईरान के हमले के दावे से एआई वीडियो वायरल हो रहा है। यह वास्तविक नहीं है।
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग के बीच में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल कर दावा किया जा रहा है कि ईरान ने इजरायल में एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट के हेडक्वार्टर पर हमला किया है। वीडियो में जलती हुई इमारत और आग बुझाते फायरफाइटर्स देखे जा सकते हैं।
विश्वास न्यूज ने इसकी जांच की तो पता चला कि वायरल वीडियो एआई निर्मित है। इसको हालिया जंग से जोड़कर वायरल किया जा रहा है और भ्रम फैलाया जा रहा है।
क्या है वायरल पोस्ट?
इंस्टाग्राम यूजर ‘bharat_updatenews’ ने 19 मार्च 2026 को वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “इजरायल में बड़ी टेक कंपनी के हेडक्वार्टर पर ईरान का हमला
इजरायल के एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनियों के हेडक्वार्टर पर ईरान की ओर से हमला हुआ। घटना से सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में इसे गंभीर रूप से रिपोर्ट किया जा रहा है।“

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने वीडियो का कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। टिकटॉक अकाउंट ‘dailyupdate122‘ पर हमें वायरल वीडियो मिला। एक्सप्रेस वीपीएन की मदद से हमने इस अकाउंट को चेक किया। इस पर 15 मार्च 2026 को इस वीडियो को अपलोड किया गया था। इसमें ‘एआई जेनरेटेड मीडिया’ का लेबल लगा हुआ है। इस अकाउंट से कई अन्य एआई जेनरेटेड वीडियो भी पोस्ट किए गए हैं।

वायरल वीडियो को ध्यान से देखने पर पता चलता है कि आग ऊपर की मंजिलों पर लगी हुई है, जबकि फायरफाइटर्स इमारत की निचली मंजिलों पर पानी डाल रहे हैं। इससे हमें वीडियो के एआई से बने होने की संभावना लगी।
हमने वीडियो को एआई डिटेक्शन टूल ‘हाइव मॉडरेशन’ से चेक किया। इसमें इसे करीब 100 फीसदी एआई निर्मित बताया गया। इस टूल ने वीडियो के ‘सोरा’ से बने होने की संभावना 98 फीसदी से अधिक बताई।

‘Zhuque AI’ इमेज व वीडियो डिटेक्शन टूल ने वायरल वीडियो को 71 फीसदी से अधिक एआई संभावित बताया।

क्या है संदर्भ?
सीबीएस न्यूज की वेबसाइट पर 13 मार्च 2026 को छपी रिपोर्ट के अनुसार, “ईरान ने अमेरिकी और इजरायली हमलों का बदला लेने के लिए पश्चिम एशिया में यूएस की कई बड़ी टेक कंपनियों को संभावित टारगेट के तौर पर लिस्ट किया है। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में बड़ी अमेरिकी टेक कंपनियों की एक लिस्ट पब्लिश की, जिसमें अमेजॉन, माइक्रोसॉफ्ट और ओरेकल शामिल थे। इसका कैप्शन था, ‘दुश्मन का टेक्नोलॉजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर: इस इलाके में ईरान के नए लक्ष्य।’ ईरानी ड्रोन हमलों ने पहले ही इस इलाके के डेटा सेंटर को नुकसान पहुंचाया है। पिछले हफ्ते दो देशों में अमेजॉन की फैसिलिटी को निशाना बनाया गया। ईरान द्वारा बताई गई कंपनियों के यूनाइटेड अरब अमीरात, इजरायल और बहरीन सहित पूरे मिडिल ईस्ट में ऑफिस, रिसर्च और डेवलपमेंट सेंटर, डेटा सेंटर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर हैं।”

हालांकि, इस जंग में हमें इजरायल में एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट के हेडक्वार्टर पर हुए ईरानी हमले के बारे में कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली।
रॉयटर्स की वेबसाइट पर 24 मार्च 2026 को छपी खबर के मुताबिक, “इजरायली सेना ने कहा कि ईरान ने इजरायल पर कई मिसाइलें दागीं। ऐसा तब हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान के पावर ग्रिड पर बमबारी की धमकी टाल दी। मिसाइलों से इजरायल के कुछ हिस्सों में एयर रेड सायरन बजने लगे, जिसमें तेल अवीव भी शामिल है।”

इस बारे में हमने इजरायल के फैक्ट चेकर यूरिया बार मेर से संपर्क किया। उन्होंने कहा, इस तरह की कोई जानकारी नहीं है।
इस युद्ध से जुड़ीं कई फेक पोस्ट वायरल हो चुकी हैं। इनकी फैक्ट चेक रिपोर्ट्स को यहां पढ़ा जा सकता है।
एआई वीडियो को शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। मई 2025 को बने इस इंस्टाग्राम अकाउंट के करीब 1 लाख 36 हजार फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: पश्चिम एशिया में चल रही जंग के बीच इजरायल में एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट की इमारतों पर ईरान के हमले के दावे से एआई वीडियो वायरल हो रहा है। यह वास्तविक नहीं है।

- Claim Review : ईरान ने इजरायल में एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट के हेडक्वार्टर पर हमला किया है।
- Claimed By : Insta User- bharat_updatenews
- Fact Check : झूठ
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