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जनता दल यू की दबाव की राजनीति

पटना में इन दिनों खूब राजनीति चल रही है और राजनीतिक गपशप भी खूब हो रही है। सत्ता हस्तांतरण होना है। नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए चुन लिए गए हैं और फिर से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन रहे हैं। वे विधान परिषद की सदस्यता से कब इस्तीफा देंगे और मुख्यमंत्री पद कब छोड़ेंगे इसे लेकर भी अटकलें हैं। और इन सबके बीच दबाव की राजनीति भी खूब हो रही है। जनता दल यू के सभी नेता नीतीश कुमार के बेटे निशांत को राजवीति के लिए तैयार करने में लगे हैं। नीतीश अब बहुत कुछ समझने की मानसिक अवस्था में नहीं हैं फिर भी उनको इस बात के लिए तैयार किया गया है कि उनकी राजनीति निशांत को हस्तांतरित की जाए। नीतीश कुमार के आसपास के लोगों का भाजपा की नजर में या बिहार की राजनीति में महत्व तभी तक है, जब तक जनता दल यू की कोई ताकत है। सो, अब तक नीतीश कुमार की रोशनी से रौशन हो रहे जदयू के नेता निशांत की चमक दमक बढ़ाने में लगे हैं। यह दबाव की राजनीति का एक हिस्सा है।

जनता दल यू में यह भी तय हुआ है कि नीतीश कुमार जिस तरह से भाजपा में रहते हुए भी उसके एजेंडे से अलग हट कर अपनी स्वतंत्र राजनीति करते रहे हैं उसी तरह निशांत भी करेंगे। तभी ईद के मौके पर पटना के गांधी मैदान में होने वाली सबसे बड़ी नमाज के लिए निशांत को भेजा गया। 20 साल में पहली बार ऐसा हुआ कि नीतीश गांधी मैदान नहीं गए। वे फुलवारीशरीफ की इमारत ए मुजीबिया में गए। इससे पहले मुख्यमंत्री आवास में होने वाली पारंपरिक इफ्पार में भी निशांत को नीतीश के साथ बैठाया गया। सो, जदयू ने सत्ता हस्तांतरण से पहले दिखाया कि नीतीश कुमार भले मुख्यमंत्री का पद छोड़ देंगे लेकिन पार्टी स्वतंत्र रास्ते पर चलती रहेगी। यानी कोईरी, कुर्मी, धानुक के साथ अति पिछड़ा, सवर्ण और पसमांदा मुसलमान, जिनको मिल कर जदयू का करीब 16 फीसदी वोट बनता है उसकी राजनीति पार्टी करेगी।

दबाव की राजनीति के तहत ही जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने बयान दिया कि अभी यह तय नहीं हुआ है कि मुख्यमंत्री किस पार्टी का बनेगा। हालांकि सबको पता है कि नीतीश कुमार हट रहे हैं तो सीएम भाजपा का बनेगा और यह भी लगभग तय है कि भाजपा की ओर से सम्राट चौधरी सीएम बनेंगे। लेकिन जदयू को इसलिए दबाव बनाए रखना है क्योंकि उसको स्पीकर से लेकर गृह मंत्रालय और दिल्ली में एक और मंत्री पद तक का मोलभाव करना है। दबाव की इसी राजनीति के तहत पिछले दिनों घर वापसी करने वाले जदयू नेता और पूर्व सांसद अरुण कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार के बाद निशांत कुमार को ही मुख्यमंत्री बनना चाहिए नहीं तो अनर्थ हो जाएगा। जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने एक बयान दिया कि पार्टी के नेता नीतीश कुमार को इस बात के लिए मनाने का प्रयास करेंगे कि वे सीएम पद नहीं छोड़ें। इस बीच जदयू के सभी प्रवक्ताओं की बैठक निशांत कुमार के साथ हुई है। बताया जा रहा है कि निशांत को मीडिया के सामने बोलने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है और साथ ही नीतीश कुमार की तरह कपड़े पहनने और उनकी तरह बात करने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

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