मेदिनीनगर (पलामू): पलामू जिला प्रशासन ने अवैध खनन माफियाओं और नियमों को ताक पर रखकर ईंट भट्ठा संचालित करने वालों के खिलाफ निर्णायक अभियान छेड़ दिया है। ताज़ा मामले में, तरहसी प्रखंड अंतर्गत दो अलग-अलग स्थानों पर की गई छापेमारी के बाद विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए दो संचालकों पर कुल 14,56,156 रुपये का भारी भरकम जुर्माना (पेनल्टी) लगाया है।
जांच में खुली पोल, चदरा चिमनी के जरिए हो रहा था खेल
खनन विभाग को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि तरहसी के ग्रामीण इलाकों में बिना किसी वैध लाइसेंस के बड़े पैमाने पर उपजाऊ मिट्टी का उत्खनन किया जा रहा है। जांच के दौरान पाया गया कि खिचड़िया दुंदू और पसहर गांव में चदरा चिमनी के माध्यम से अवैध रूप से ईंटों का निर्माण किया जा रहा था।
प्रशासन ने कार्रवाई के दौरान न केवल काम रुकवाया, बल्कि अवैध ढांचों और चदरा चिमनी को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया ताकि भविष्य में दोबारा इनका संचालन न किया जा सके।
आर्थिक दंड का विवरण
खनन पदाधिकारी सुनील कुमार द्वारा शुक्रवार को जारी डिमांड नोटिस के अनुसार, दोषियों पर निम्नलिखित जुर्माना तय किया गया है:
|
संचालक का नाम |
पिता का नाम |
निवासी/स्थान |
जुर्माने की राशि |
|---|---|---|---|
|
विनय सिंह |
स्व. जगदेव सिंह |
खिचड़िया दुंदू, तरहसी |
₹ 8,63,133 |
|
शशिकांत कुमार सिंह |
बनवारी सिंह |
पसहर, तरहसी |
₹ 5,93,023 |
राजस्व की क्षति और पर्यावरण संकट पर प्रहार
खनन पदाधिकारी सुनील कुमार ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रकार की गतिविधियां न केवल सरकारी राजस्व को चपत लगाती हैं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा हैं।
”बिना अनुमति मिट्टी निकालने से खेतों की उर्वरता समाप्त हो जाती है, जिसका सीधा असर किसानों की आजीविका पर पड़ता है। हमने अवैध भट्ठों को ध्वस्त कर दिया है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर जुर्माना राशि जमा नहीं की गई, तो संचालकों पर प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
क्षेत्र में मचा हड़कंप, ग्रामीण बोले- ‘देर आए दुरुस्त आए’
इस बड़ी कार्रवाई के बाद तरहसी प्रखंड के अन्य अवैध भट्ठा संचालकों में हड़कंप की स्थिति है। कई संचालक कार्रवाई के डर से अपने कागजात दुरुस्त करने और लाइसेंस की प्रक्रिया समझने के लिए दौड़-भाग कर रहे हैं। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन की इस मुस्तैदी का स्वागत किया है। ग्रामीणों का कहना है कि उपजाऊ मिट्टी के अवैध दोहन से कृषि भूमि बंजर हो रही थी, जिस पर अब अंकुश लगने की उम्मीद है।
सावधान: प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना पर्यावरण क्लीयरेंस और वैध लाइसेंस के कोई भी उत्खनन कार्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।













Leave a Reply