मेदिनीनगर : चैत्र नवरात्र और भारतीय नववर्ष के पावन अवसर पर पलामू प्रमंडल का मुख्यालय मेदिनीनगर पूरी तरह रामभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के तत्वावधान में आयोजित राम जन्मोत्सव कार्यक्रम के दौरान शहर में एक ऐतिहासिक और भव्य शोभायात्रा निकाली गई। हजारों की संख्या में उमड़े श्रद्धालुओं के ‘जय श्री राम’ के जयकारों से पूरा गगन गुंजायमान हो उठा।
विधायक डॉ. शशिभूषण मेहता ने सपरिवार किया नमन
इस भव्य आयोजन में पांकी विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक डॉ. शशिभूषण मेहता विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने अपने सुपुत्र शौर्य कुमार मेहता के साथ भगवान श्री राम के चित्र और विग्रह के समक्ष माथा टेका और आशीर्वाद लिया। शोभायात्रा में शामिल होकर उन्होंने श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन किया और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
भक्ति और शौर्य का अद्भुत संगम
शोभायात्रा मेदिनीनगर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी, जहाँ सनातनी संस्कृति और एकता की अनुपम झलक देखने को मिली। केसरिया ध्वजों से पटे शहर में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
- हजारों की भागीदारी: पुरुषों के साथ-साथ बड़ी संख्या में मातृशक्ति और युवाओं ने इस उत्सव को यादगार बनाया।
- पारंपरिक वाद्य यंत्र: ढोल-नगाड़ों और शंखध्वनि ने वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा भर दी।
- धार्मिक अनुष्ठान: जिला कार्यालय में प्रभु श्री राम का जन्मोत्सव विधि-विधान से मनाया गया, जहाँ विशेष आरती और पूजा-अर्चना संपन्न हुई।
पूरे जिले में 200 स्थानों पर आयोजन की गूँज
आयोजन समिति के अनुसार, राम जन्मोत्सव का यह उत्साह केवल मेदिनीनगर तक सीमित नहीं है। पूरे पलामू जिले में लगभग 200 स्थानों पर धार्मिक कार्यक्रमों और शोभायात्राओं की योजना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी भारी उत्साह देखा जा रहा है।
”भगवान राम का जीवन हमें सामाजिक समरसता सिखाता है। जिस तरह उन्होंने निषाद राज और माता शबरी को गले लगाया, उसी तरह हमें भी ऊंच-नीच का भेदभाव मिटाकर एक सशक्त समाज का निर्माण करना होगा।”
— दामोदर मिश्र, प्रबुद्ध वक्ता
गणमान्य जनों की उपस्थिति
इस गौरवमयी यात्रा में भाजपा जिलाध्यक्ष अमित तिवारी, राकेश कुमार सिंह (मंगल सिंह), लाला प्रसाद यादव, बजरंग दल के जिला संयोजक संदीप प्रसाद गुप्ता सहित कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे। सभी ने एक-दूसरे को हिंदू नव वर्ष की बधाई दी और सनातन मूल्यों को संजोने का संकल्प लिया।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रशासन भी मुस्तैद रहा, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से अपनी आस्था प्रकट कर सकें। कार्यक्रम के समापन पर प्रसाद वितरण किया गया और पूरे क्षेत्र की शांति एवं समृद्धि के लिए प्रार्थना की गई।













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