जामताड़ा : झारखंड के जामताड़ा जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक बंद पड़ी कोयला खदान के अचानक धंसने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में कम से कम 8 लोगों के मलबे में दबे होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच चुकी है और युद्धस्तर पर राहत व बचाव कार्य (Rescue Operation) चलाया जा रहा है।
कैसे हुआ हादसा?
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जामताड़ा के नाला थाना क्षेत्र के पलास्थली स्थित बंद पड़ी कोयला खदान में कुछ ग्रामीण और स्थानीय लोग अवैध रूप से कोयला निकालने के लिए अंदर घुसे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही लोग सुरंग के काफी भीतर पहुंचे, खदान का ऊपरी हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा।
धमाके जैसी तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़े। स्थिति की भयावहता को देखते हुए तुरंत स्थानीय थाने को सूचित किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि सुरंग काफी गहरी थी, जिससे अंदर फंसे लोगों को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
प्रशासनिक मुस्तैदी और राहत कार्य
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। मौके पर तैनात एक पुलिस अधिकारी ने बताया:
”हमारी प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। जेसीबी मशीनों और स्थानीय गोताखोरों/मजदूरों की मदद ली जा रही है। फिलहाल फंसे हुए लोगों की सटीक संख्या की पुष्टि करना मुश्किल है, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार यह संख्या 8 या उससे अधिक हो सकती है।”
हादसे के मुख्य बिंदु:
- स्थान: जामताड़ा जिला, झारखंड (बंद पड़ी कोयला खदान)।
- हताहतों की आशंका: कम से कम 8 लोग लापता/दबे हुए।
- कारण: अवैध खनन के दौरान सुरंग का धंसना।
- वर्तमान स्थिति: पुलिस और बचाव दल मौके पर तैनात, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी।
अवैध खनन पर फिर उठे सवाल
झारखंड में बंद पड़ी खदानों में अवैध खनन एक गंभीर समस्या बनी हुई है। जान जोखिम में डालकर कोयला निकालने की प्रक्रिया अक्सर ऐसे हादसों को निमंत्रण देती है। स्थानीय प्रशासन ने पूर्व में भी कई बार इन खदानों को पूरी तरह सील करने के निर्देश दिए थे, लेकिन गरीबी और माफिया तंत्र के चलते यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
अंधेरा होने के कारण बचाव कार्य में बाधा आने की संभावना है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने मौके पर अतिरिक्त लाइटों और मेडिकल टीम की व्यवस्था की है। मलबे के नीचे दबे लोगों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरा क्षेत्र गमगीन है।













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