रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पांकी विधायक कुशवाहा शशिभूषण मेहता ने पलामू जिला परिषद के अंतर्गत चल रही निविदा (टेंडर) प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सदन के माध्यम से सरकार से इस प्रक्रिया को तत्काल स्थगित करने की मांग की है।
प्रमुख बिंदु:
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- संवेदकों की कमी और लंबित कार्य: विधायक मेहता ने सदन को बताया कि पलामू जिला परिषद में द्वितीय श्रेणी के केवल 33 संवेदक (contractors) पंजीकृत हैं। उन्होंने चिंता जताई कि वर्तमान में प्रत्येक संवेदक के पास पहले से ही 2 से 3 कार्य लंबित हैं।
- नए पंजीकरण पर रोक: उन्होंने आरोप लगाया कि संवेदकों के नए पंजीकरण (registration) पर रोक लगा दी गई है, जिसके कारण नए और योग्य लोग इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पा रहे हैं।
- 61 स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण: मेहता ने कहा कि नए पंजीकरण बंद होने के बावजूद 61 स्वास्थ्य उप-केंद्रों के निर्माण के लिए निविदाएं निकाली गई हैं।
- पक्षपात का आरोप: विधायक ने आशंका जताई कि नए पंजीकरण रोककर और आनन-फानन में टेंडर निकालकर सरकार कुछ “विशेष लोगों” को लाभ पहुँचाने की कोशिश कर रही है।
”जब तक नए संवेदकों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो जाती, तब तक इस निविदा प्रक्रिया को स्थगित रखा जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।”
— कुशवाहा शशिभूषण मेहता, विधायक (पांकी)
विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो की अध्यक्षता में हुई इस चर्चा के दौरान मेहता ने स्पष्ट किया कि बिना नए रजिस्ट्रेशन के टेंडर प्रक्रिया जारी रखना लोकतांत्रिक और प्रशासनिक रूप से गलत है।













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