मेदिनीनगर (झारखंड) मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध व्यापार के खिलाफ पलामू की विशेष अदालत ने एक बड़ा और कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के करमा निवासी नवाज अंसारी को एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए 15 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, अदालत ने दोषी पर 1.50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
क्या था मामला? देखें
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यह मामला 30 नवंबर 2024 का है। गुप्त सूचना के आधार पर पलामू पुलिस ने लेस्लीगंज के करमा क्षेत्र में छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध नशीला सिरप बरामद किया था। बरामदगी का विवरण इस प्रकार है:
- कुल बरामदगी: 8 पेटियां, जिसमें कुल 840 बोतलें नशीला सिरप था।
- दस्तावेजों का अभाव: गिरफ्तारी के वक्त आरोपी नवाज अंसारी इन दवाओं के भंडारण या बिक्री से संबंधित कोई भी वैध लाइसेंस या मेडिकल दस्तावेज पेश नहीं कर सका।
- पुलिस की त्वरित कार्रवाई: पुलिस ने तत्काल एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
सुनवाई और फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने ठोस सबूत और गवाह पेश किए। अदालत ने पाया कि बरामद नशीले सिरप की मात्रा व्यावसायिक श्रेणी (Commercial Quantity) में आती है, जो समाज के युवाओं के भविष्य के लिए घातक है।
”अवैध नशीले पदार्थों का कारोबार केवल एक अपराध नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को खोखला करने वाली साजिश है। ऐसे मामलों में नरमी की कोई गुंजाइश नहीं है।” — अदालत की टिप्पणी
समाज में कड़ा संदेश
पुलिस प्रशासन और कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से पलामू और आसपास के इलाकों में नशीली दवाओं का अवैध कारोबार करने वालों में डर पैदा होगा। पलामू पुलिस ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि वे भविष्य में भी ‘ड्रग्स फ्री’ समाज की दिशा में अपनी कार्रवाई जारी रखेंगे।













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