मेदिनीनगर (पलामू): नशा मुक्त समाज बनाने और अवैध मादक पदार्थों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पलामू पुलिस इन दिनों सख्त रुख अख्तियार किए हुए है। इसी कड़ी में रविवार को मनातू थाना प्रभारी विकी कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल ने झांटी के जंगलों में छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध अफीम की खेती को विनष्ट किया।
जंगल की ओट में फल-फूल रही थी अवैध फसल
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस की टीम मनातू थाना क्षेत्र के झांटी के जंगल पहुँची। यहाँ वन विभाग की करीब सात एकड़ भूमि पर तस्करों द्वारा अवैध रूप से अफीम (पोस्ता) की फसल उगाई गई थी। पुलिस के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए पूरी फसल को ट्रैक्टर और मैन्युअल तरीके से रौंदकर नष्ट कर दिया।
इस अभियान में मनातू थाना के कई पदाधिकारी और सशस्त्र जवान शामिल थे। दुर्गम इलाका होने के बावजूद पुलिस ने सफलतापूर्वक इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जिससे अफीम माफियाओं को लाखों का आर्थिक नुकसान पहुँचा है।
सत्यापन जारी, होगी ‘कुड़की-जब्ती’ जैसी कार्रवाई
थाना प्रभारी विकी कुमार ने बताया कि इस अवैध धंधे के पीछे जो भी मास्टरमाइंड और स्थानीय लोग शामिल हैं, उनकी पहचान की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
- खेती करने वालों का नाम और पता सत्यापित किया जा रहा है।
- संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध NDPS एक्ट के तहत कठोर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
- जरूरत पड़ने पर आरोपियों की संपत्ति की जांच और कुर्की की कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है।
थाना प्रभारी की चेतावनी और अपील
कार्रवाई के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा:
”मनातू क्षेत्र में किसी भी कीमत पर अफीम की खेती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो लोग इस काले कारोबार में लगे हैं, उनसे मेरी अपील है कि वे मुख्यधारा में लौटें और दूसरी नकदी फसलों की उपज करें। अफीम उगाना एक गंभीर अपराध है। यदि किसान अपनी मर्जी से इसे बंद नहीं करते हैं, तो पुलिस उनके विरुद्ध ऐसी कड़ी कार्रवाई करेगी जो नजीर बनेगी।”
अगली कार्रवाई: पुलिस अब उन बिचौलियों की तलाश कर रही है जो भोले-भाले ग्रामीणों को लालच देकर जंगल में अफीम लगवाने का काम करते हैं।













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