रांची : 18 फरवरी, 2026 झारखंड में पवित्र महीने रमजान के शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। राज्य पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने प्रदेश के सभी जिलों के एसएसपी (SSP) और एसपी (SP) को एक विस्तृत पत्र भेजकर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था चाक-चौबंद करने के सख्त निर्देश दिए हैं। प्रशासन का मुख्य फोकस भीड़ प्रबंधन, यातायात और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने पर है।
19 फरवरी से शुरू हो सकता है रमजान, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
स्पेशल ब्रांच द्वारा जारी पत्र के अनुसार, रमजान का महीना 19 फरवरी से शुरू होने की संभावना है। एक माह के कठिन उपवास (रोजा) के बाद 21 मार्च को ईद-उल-फितर मनाए जाने की उम्मीद है। पुलिस ने विशेष रूप से 20 मार्च को पड़ने वाले ‘अंतिम जुम्मे’ (अलविदा जुम्मा) को लेकर सतर्क किया है, क्योंकि इस दिन मस्जिदों और सार्वजनिक स्थलों पर नमाजियों की भारी भीड़ जुटने की संभावना है।
अधिकारियों को दिए गए प्रमुख निर्देश:
- संवेदनशील स्थलों की पहचान: पूर्व में विवादग्रस्त रहे क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती।
- भीड़ प्रबंधन: मस्जिदों, ईदगाहों और बाजारों में सुचारू यातायात के लिए ट्रैफिक पुलिस को मुस्तैद रहने को कहा गया है।
- सुरक्षा घेरा: इमामबाड़ों और मस्जिदों के आसपास सादे लिबास में भी जवानों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं।
सोशल मीडिया पर ‘डिजिटल’ पहरा: अफवाह फैलाई तो होगी जेल
पुलिस मुख्यालय ने सोशल मीडिया पर होने वाली गतिविधियों को लेकर विशेष चिंता जताई है। स्पेशल ब्रांच ने स्पष्ट किया है कि भ्रामक सूचनाएं या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले पोस्ट डालने वालों पर निरोधात्मक कार्रवाई की जाए।
”सोशल मीडिया पर 24×7 निगरानी रखी जाएगी। किसी भी आपत्तिजनक पोस्ट या उकसावे वाली सामग्री पर त्वरित हस्तक्षेप कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।”
शांति समितियों की बैठक और समन्वय पर जोर
त्योहार के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए ‘कम्युनिटी पुलिसिंग’ का सहारा लिया जा रहा है। थाना स्तर पर शांति समिति की बैठकें आयोजित करने और स्थानीय धर्मगुरुओं व नागरिक संगठनों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
इन बिंदुओं पर रहेगी विशेष नजर:
प्रतिबंधित सामग्री : अवैध शराब और प्रतिबंधित मांस की बिक्री पर पूर्ण रोक।
बाजारों की सुरक्षा : मुस्लिम बहुल क्षेत्रों के बाजार-हाट में पुलिस की निरंतर गश्त।
ट्रैफिक प्लान : नमाज के समय प्रमुख सड़कों पर डायवर्जन और पार्किंग का प्रबंधन।
त्वरित प्रतिक्रिया : किसी भी आपसी विवाद को सांप्रदायिक रंग लेने से पहले सुलझाना।
सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों को चेतावनी
पत्र में उल्लेख किया गया है कि असामाजिक तत्व त्योहार की आड़ में माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे में पुलिस को निर्देश दिया गया है कि वे हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर रखें और खुफिया तंत्र को सक्रिय रखें। जिला स्तर के अधिकारियों को स्वयं संवेदनशील इलाकों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने को कहा गया है।













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