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“अजब झारखंड का गजब घोटाला: दरवाजे पर पति खड़ा था, फाइल में पत्नी विधवा थी!” – ​”खतरनाक फर्जीवाड़ा” सरकारी खजाने को सेंध लगाने के लिए ‘सुहाग’ की बलि।”

 

 

  • ​“जिंदा पति, सरकारी विधवा: दुमका में फाइलों ने मार डाला, हकीकत ने चौंका डाला!”
  • ​“कागजों पर ‘यमराज’ बने दलाल: 14 सुहागनों को बना दिया सरकारी विधवा।”

​दुमका : झारखंड के दुमका जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक अमले की नींद उड़ा दी है। रानीश्वर प्रखंड के मोहलबना पंचायत में सरकारी फाइलों में जिन्हें ‘विधवा’ मानकर पिछले एक दशक से पेंशन दी जा रही थी, वे हकीकत में अपने जीवित पतियों के साथ सुहागन का जीवन बिता रही हैं। जांच में अब तक 14 ऐसी महिलाओं का खुलासा हुआ है, जिन्होंने सिस्टम की आंखों में धूल झोंककर सरकारी खजाने को लाखों का चूना लगाया।

​छापेमारी में खुला राज: दरवाजे पर खड़े मिले ‘मृत’ घोषित पति

​फर्जीवाड़े की गुप्त सूचना मिलने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) राजेश कुमार सिन्हा ने एक विशेष जांच टीम गठित की। टीम जब कदमा गांव में चिन्हित लाभार्थियों के घर पहुंची, तो दृश्य देखकर अधिकारी हक्का-बक्का रह गए। सरकारी रिकॉर्ड में जिन महिलाओं के पतियों को मृत घोषित कर पेंशन जारी की जा रही थी, वे पुरुष न केवल जीवित थे, बल्कि अपनी पत्नियों के साथ घर पर ही मौजूद थे।

​दलालों का जाल और घूस का खेल

​पूछताछ के दौरान आरोपी महिलाओं ने स्वीकार किया कि इस पूरे खेल के पीछे दलालों का एक संगठित गिरोह सक्रिय है। बताया जा रहा है कि दो स्थानीय दलालों ने पेंशन स्वीकृत कराने के नाम पर महिलाओं से मोटी घूस ली थी।

  • ​कार्यप्रणाली: दलालों ने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और कागजात तैयार कर अपात्र महिलाओं को सरकारी रिकॉर्ड में विधवा दर्ज कराया।
  • ​अवधि: यह फर्जीवाड़ा पिछले 10 वर्षों से निर्बाध रूप से चल रहा था।
  • ​मिलीभगत: इतने लंबे समय तक बिना भौतिक सत्यापन के पेंशन जारी होना निचले स्तर के कर्मचारियों की मिलीभगत की ओर भी इशारा कर रहा है।

​प्रशासन की कार्रवाई और रिकवरी की तैयारी

​बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से इन सभी 14 महिलाओं की पेंशन रोक दी है। प्रशासन अब उन दलालों की तलाश में जुट गया है जिन्होंने सरकारी योजना में सेंध लगाई।

​”यह बेहद गंभीर मामला है। हम उन सभी बिचौलियों को चिन्हित कर रहे हैं जिन्होंने फर्जी दस्तावेज तैयार किए। अवैध रूप से उठाई गई पेंशन राशि की वसूली (Recovery) के लिए भी कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।”

— राजेश कुमार सिन्हा, बीडीओ, रानीश्वर

 

​मुख्य बिंदु: एक नजर में

विवरण

जानकारी

स्थान

कदमा गांव, मोहलबना पंचायत (दुमका)

घोटाले का स्वरूप

जीवित पति को मृत बताकर विधवा पेंशन लेना

कुल चिन्हित महिलाएं

14

फर्जीवाड़े की अवधि

लगभग 10 वर्ष

मुख्य आरोपी

गिरोह के दो सक्रिय दलाल

इस खुलासे के बाद अब आसपास के अन्य पंचायतों में भी पेंशन लाभार्थियों के भौतिक सत्यापन की मांग उठने लगी है। आशंका जताई जा रही है कि यदि पूरे जिले में सघन जांच हो, तो ऐसे मामलों की संख्या सैकड़ों में हो सकती है।

 

 

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