मेदिनीनगर ( झारखण्ड ): भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की पलामू टीम ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने नौडीहा बाजार प्रखंड के सरईडीह पंचायत में कार्यरत रोजगार सेवक जितेंद्र कुमार राम को 7,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
मामले का विवरण
जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार रोजगार सेवक जितेंद्र कुमार राम मनरेगा कूप (कुआं) योजना के तहत मास्टर रोल और संबंधित दस्तावेजों की ऑनलाइन एंट्री करने के एवज में एक ग्रामीण से रिश्वत की मांग कर रहा था। बताया जा रहा है कि पीड़ित ने इसकी शिकायत पहले ही एसीबी कार्यालय में की थी, जिसके बाद मामले का सत्यापन किया गया और शिकायत सही पाई गई।
जाल बिछाकर हुई गिरफ्तारी
शुक्रवार को जैसे ही रोजगार सेवक ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, पहले से घात लगाकर बैठी एसीबी की टीम ने उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आनन-फानन में टीम उसे अपने साथ मेदिनीनगर (डालटनगंज) स्थित ब्यूरो के मुख्यालय ले गई।
- आरोपी का नाम: जितेंद्र कुमार राम (रोजगार सेवक)
- रिश्वत की राशि: 7,000 रुपये
- स्थान: नौडीहा बाजार प्रखंड, सरईडीह पंचायत
- कारण: मनरेगा योजना में ऑनलाइन एंट्री के बदले मांग
प्रशासनिक हलचल
इस कार्रवाई के बाद नौडीहा बाजार प्रखंड कार्यालय और आसपास के पंचायतों में हड़कंप मच गया है। एसीबी के अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी लोक सेवक को बख्शा नहीं जाएगा। आरोपी रोजगार सेवक से मेदिनीनगर में पूछताछ की जा रही है, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाएगा।
“भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान जारी रहेगा। यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी काम के बदले पैसे की मांग करता है, तो तुरंत सूचना दें।” — एसीबी अधिकारी
अगली कार्रवाई:
फिलहाल एसीबी की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस खेल में कोई और बिचौलिया या अधिकारी तो शामिल नहीं है।
















Leave a Reply