कैप्टन स्मित मच्छार के लिए इजरायल में भक्ति कार्यक्रम आयोजित करने के नाम पर वायरल हो रहा वीडियो फर्जी है। इस वीडियो को गूगल एआई की मदद से बनाया गया है।
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। फ्लाईदुबई के घायल पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से जोड़ते हुए एक बड़े स्टेज पर भक्ति गीत गाते इजरायल के लोगों का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में लोगों ने इजराइल का झंडा पकड़ा है। साथ ही, स्टेज पर लगे टीवी पर भगवान हनुमान और कैप्टन स्मित मच्छार की तस्वीर लगी है। इस वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि फ्लाईदुबई के घायल पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को शुक्रिया अदा करने के लिए इजरायल में यह कार्यक्रम रखा गया था और लोगों ने कैप्टन स्मित मच्छार की अच्छी सेहत के लिए हिब्रू भाषा में हनुमान चालीसा का पाठ किया था।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल हो रहा वीडियो फर्जी है। वीडियो को एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से बनाया गया है, जिसे यूजर्स अब गलत दावे के साथ वायरल कर रहे हैं। इसकी एनालिसिस में वीडियो के गूगल एआई से बने होने का पता चला।
क्या हो रहा है वायरल?
एक्स यूजर ‘Deepak Kumar’ ने 27 अक्टूबर 2026 को एक वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “इजरायल के तेल अवीव बीच से हिब्रू भाषा में हनुमान चालीसा… भारतीय पायलट स्मित मच्छार के सम्मान में…..पूरे सँसार में भारत का एकमात्र सच्चा मित्र देश इजरायल। जय श्री राम जय हनुमान।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।
इजरायल के तेल अवीव बीच से हिब्रू भाषा में हनुमान चालीसा…
भारतीय पायलट स्मित मच्छार के सम्मान में…..पूरे सँसार में भारत का एकमात्र सच्चा मित्र देश इजरायल।
जय श्री राम
जय हनुमान
🚩🚩 pic.twitter.com/6KqqEyUuEW— Deepak Kumar. 🚩राजपूत…🚩🚩🙏 (@DipakKumar1970) October 27, 2026
पड़ताल
वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें इस दावे से जुड़ी कोई न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली। वीडियो को गौर से देखने पर हमने पाया कि जो महिलाएं गीत गा रही हैं, उनकी लिप-सिंकिंग काफी अटपटी है। भजन के बोल और लिप-सिंकिंग मेल नहीं खा रहे हैं। ऐसे में हमें वीडियो के एआई-निर्मित होने का संदेह हुआ।
इस वीडियो को एआई की मदद से बनाया गया है या नहीं, यह जानने के लिए हमने एआई डिटेक्शन टूल ‘synthid’ की मदद ली। इसकी एनालिसिस में वीडियो में सिंथआईडी के डिटेक्ट होने की पुष्टि हुई।

सिंथआईडी, गूगल के एआई मॉडल्स द्वारा तैयार किए गए एआई-जेनरेटेड कंटेंट पर वॉटरमार्क लगाने और उन्हें पहचानने का एक टूल है। जब भी गूगल का कोई AI टूल कोई तस्वीर बनाता है, तो सिंथआईडी उसमें एक डिजिटल वॉटरमार्क छिपा देता है। यह वॉटरमार्क हमारी आंखों से दिखाई नहीं देता, लेकिन सिंथआईडी डिटेक्टर इसे पहचान लेता है।
हमने वीडियो को जांचने के लिए एक अन्य टूल ‘uncovai’ का भी इस्तेमाल किया। इस टूल ने भी वीडियो के करीब 94 फीसदी तक एआई से बने होने के संकेत दिए।

अधिक जानकारी के लिए हमने इजरायल के फैक्ट चेकर यूरिया बार मेर से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल दावा गलत है। इजरायल में इस तरह का कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया है।
क्या है संदर्भ?
सितंबर 2026 में फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही थी। इस फ्लाइट के कैप्टन भारत के स्मित मच्छार थे। जब यह विमान हवा में था, तब स्मित के सह-पायलट ने उन पर चाकू से हमला कर दिया और वह घायल हो गए। घायल होने पर भी कैप्टन स्मित ने हालात को संभाला और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। विमान में मौजूद एक अन्य पायलट ने सुरक्षित लैंडिंग में मदद की। इस दौरान सह-पायलट को लोगों ने दबोच लिया और विमान के सुरक्षित लैंडिंग के बाद स्मित को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इस मामले पर पूरी रिपोर्ट को यहां और यहां पढ़ा जा सकता है।
अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले एक्स यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि इस यूजर को 6,000 से अधिक लोग फॉलो करते हैं। यह यूजर जुलाई 2020 से एक्स पर सक्रिय है और प्रोफाइल में खुद को पुणे का रहने वाला बताया है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि कैप्टन स्मित मच्छार के लिए इजरायल में भक्ति कार्यक्रम आयोजित करने के नाम पर वायरल हो रहा वीडियो फर्जी है। इस वीडियो को गूगल एआई की मदद से बनाया गया है।

- Claim Review : इजरायल में कैप्टन स्मित मच्छार के लिए किया गया हनुमान चालीसा का पाठ।
- Claimed By : X User-Deepak Kumar
- Fact Check : झूठ
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