नेपाल के एक त्योहार के वीडियो को अरुणाचल प्रदेश में चीन के सैनिकों के घुसपैठ के दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक (डीजी) शत्रुजीत सिंह कपूर ने अक्टूबर 2026 में अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत और चीन के बीच टकराव की स्थिति को लेकर बयान दिया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई पोस्ट वायरल हो रही हैं। इनमें दावा किया जा रहा है कि अरुणाचल प्रदेश में चीन की सेना ने घुसपैठ की है। विश्वास न्यूज की पड़ताल में ऐसी कई पोस्ट फेक निकली हैं।
अब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें पहाड़ी क्षेत्र में कई लोगों को भागते हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इसे शेयर कर दावा कर रहे हैं कि अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ की कोशिश कर रहे चीन के सैनिकों को स्थानीय लोगों ने खदेड़ दिया।
विश्वास न्यूज ने इस पोस्ट की जांच की तो पता चला कि इसमें अपलोड किया गया वायरल वीडियो नेपाल का है। वहां के एक पारंपरिक समारोह के एक वीडियो को अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों की घुसपैठ के गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
क्या है वायरल पोस्ट?
फेसबुक यूजर ‘Pradip Prasad Yadav’ ने 27 अक्टूबर 2026 को एक वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना की घुसपैठ की कोशिश? अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ की कोशिश कर रहे चीनी सैनिकों को स्थानीय लोगों ने खदेड़ दिया।”

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम को गूगल लेंस पर सर्च किया। नेपाल के डोटी के रहने वाले ‘Pawan Mahara‘ ने 28 अक्टूबर 2026 को एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “डोटी (नेपाल) की केआई सिंह ग्रामीण नगरपालिका के ‘वायल’ इलाके में दशईं (दशहरा) के दौरान जानवरों को खदेड़ने और उनकी बलि देने की एक परंपरा है। अब इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि स्थानीय लोग अरुणाचल प्रदेश (भारत) से चीनी सैनिकों को खदेड़ रहे हैं। नेपाल के डोटी जिले की केआई सिंह ग्रामीण नगरपालिका के ‘वायल’ में दशईं के दौरान भैंसों को खदेड़ने और उनकी बलि देने की एक पारंपरिक प्रथा है। इस स्थानीय परंपरा का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें गलत दावा किया जा रहा है कि स्थानीय लोग अरुणाचल प्रदेश (भारत) से चीनी सैनिकों को खदेड़ रहे हैं।”

वायरल वीडियो हमें इंस्टाग्राम यूजर ‘patel.vishal‘ के अकाउंट पर भी मिला। इसे 26 अक्टूबर 2026 को पोस्ट किया गया था। इसके साथ लिखा है, Woyl। कमेंट में कुछ यूजर्स ने इस वीडियो को नेपाल का बताया है और कुछ ने त्योहार का। एक यूजर ने लिखा है कि लोग बलि के लिए पशु के पीछे भाग रहे हैं।

इसी अकाउंट से 1 अक्टूबर 2025 को एक वीडियो पोस्ट किया गया था, जिसमें कई लोगों को भैंसे के पीछे भागते हुए देखा जा सकता है।

इस प्रोफाइल के अनुसार, यूजर नेपाल के डोटी जिले की केआई सिंह ग्रामीण नगरपालिका का रहने वाला है।
नेपाल के ही एक अन्य यूजर ‘Shivam Singh‘ ने फेसबुक पर 26 अक्टूबर 2026 को इसी त्योहार का एक वीडियो पोस्ट करते हुए इसे डोटी के वायल का बताया था।

वायरल वीडियो और इस वीडियो में लोकेशन समान है।

इस बारे में हमने ‘नेपाल फैक्ट चेक’ के फैक्ट चेकर सूरज घिमिरे से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल हो रहा वीडियो नेपाल का है।
क्या है संदर्भ?
अक्टूबर 2026 में आईटीबीपी के डीजी शत्रुजीत कपूर ने अरुणाचल प्रदेश में एलएसी पर भारत और चीन के बीच तनाव जारी रहने की पुष्टि की थी। ‘दैनिक जागरण’ की वेबसाइट पर 23 अक्टूबर 2026 को छपी रिपोर्ट के मुताबिक, “राजस्थान के अलवर में आयोजित एक कार्यक्रम में शत्रुजीत कपूर ने कहा था कि जुलाई 2026 से अरुणाचल में सीमा पर भारत और चीन के बीच टकराव जारी है। इसके बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था, “जैसा कि हमने पहले भी उल्लेख किया है, जब चीनी सेनाएं पहले से तय गश्त के तौर-तरीकों से हटती हैं, तो भारत-चीन के सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिति समय-समय पर बिगड़ जाती है।” बता दें कि अरुणाचल प्रदेश में एलएसी पर जुलाई 2026 से तनाव है।”
नेपाल के वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। एक राजनीतिक दल से जुड़े यूजर यूपी के गढ़वा के रहने वाले हैं। इनके करीब 8 हजार फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: नेपाल के एक त्योहार के वीडियो को अरुणाचल प्रदेश में चीन के सैनिकों के घुसपैठ के दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

- Claim Review : अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ की कोशिश कर रहे चीनी सैनिकों को स्थानीय लोगों ने खदेड़ दिया।
- Claimed By : FB User- Pradip Prasad Yadav
- Fact Check : झूठ
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