अरुणाचल प्रदेश को लेकर चेतावनी देते रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार का वायरल वीडियो डीपफेक है। असली वीडियो मार्च 2026 का है, जिसमें उन्होंने अरुणाचल प्रदेश का कोई जिक्र नहीं किया था। असली वीडियो में एआई से बना ऑडियो जोड़कर उसे वायरल किया जा रहा है।
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने अक्टूबर 2026 में अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत और चीन के बीच कई बार टकराव वाली स्थिति बनने की बात कही थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार का एक कथित वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें अरुणाचल प्रदेश को भारत का अगला बड़ा ‘फ्लैशप्वाइंट’ बताते हुए सुना जा सकता है। कुछ यूजर्स इसे शेयर कर दावा कर रहे हैं कि रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार ने पहले ही अरुणाचल प्रदेश को लेकर चेतावनी दी थी।
विश्वास न्यूज की जांच में वायरल वीडियो डीपफेक निकला। दरअसल, मार्च 2026 में तत्कालीन लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार ने रिटायरमेंट की पूर्व संध्या पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘ऑपरेशन राहत’ समेत वेस्टर्न कमांड की अन्य सैन्य पहलों के बारे में चर्चा की थी। इस दौरान उन्होंने अरुणाचल प्रदेश का कोई जिक्र नहीं किया था। उस वीडियो में एआई से बना ऑडियो जोड़कर वायरल किया जा रहा है।
क्या है वायरल पोस्ट?
एक्स यूजर ‘Aman Bhardwaj’ ने 27 अक्टूबर 2026 को एक वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार, भारतीय सेना के पश्चिमी कमान के पूर्व जीओसी-इन-सी, ने कथित तौर पर चेतावनी दी थी कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अगला बड़ा फ्लैशप्वाइंट बन सकता है। कुछ ही महीनों बाद, अरुणाचल प्रदेश एक बार फिर सुर्खियों में है।”
लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार के कथित वीडियो में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है, “मैंने इंडियन आर्मी में 41 साल तक सेवा की है और इस दौरान मैंने कई कठिन परिस्थितियां देखी हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में जो हालात बने हैं, उन्होंने मुझे गहरी चिंता में डाल दिया है। आज मुझे अपनी सेना की स्थिति, तैयारी और भविष्य को लेकर गंभीर सवाल दिखाई देते हैं। पाकिस्तान के साथ 10 मई को हुए संघर्ष के दौरान हमारे विमानों के गिरने से जुड़ी कई रिपोर्ट सामने आईं। इस घटना ने हमारी सैन्य तैयारी और योजना पर कई सवाल खड़े किए। इसके साथ ही चाइना के साथ भी हमारा तनाव बढ़ा है, जिससे सीमा सुरक्षा और सैन्य तैयारी को लेकर चिंता और गहरी हो गई है। अरुणाचल प्रदेश के संदर्भ में भी स्थिति को गंभीरता से समझना होगा। चाइना के हमारे दावे वाले क्षेत्र में लगभग 25 किलोमीटर तक आगे बढ़ने की बातें सामने आई हैं और हम उसे प्रभावी रूप से रोकने या नियंत्रित करने में सफल नहीं हो पा रहे हैं।” (गूगल जेमिनी से किया गया ट्रांसक्रिप्शन।)
पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम को गूगल लेंस पर सर्च किया। असली वीडियो हमें ‘एएनआई’ के एक्स अकाउंट पर 30 मार्च 2026 को अपलोड किया हुआ मिला। इसमें तत्कालीन लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कह रहे हैं, “मैं इंडियन आर्मी में 40 साल की सर्विस के बाद अपनी रिटायरमेंट की ईव पर आपसे बात कर रहा हूं। 40 साल सर्विस के बाद मैं सेवानिवृत्त हो रहा हूं। पिछले तकरीबन 3 साल से मैं वेस्टर्न कमांड में आर्मी कमांडर की हैसियत से काम कर रहा हूं। और यह पूरी सर्विस मेरे लिए एक बहुत ऑनर की बात है कि मुझे इंडियन आर्मी में काम करने का मौका मिला, और इस मौके पर सभी फौजी साथियों का, जिन्होंने मेरे साथ काम किया, मिल-जुलकर काम किया, ऑपरेशंस, ट्रेनिंग, उन सभी का मैं बहुत-बहुत शुक्रगुजार हूं, उनको धन्यवाद देना चाहता हूं। वेस्टर्न कमांड ने पिछले कई सालों में बहुत महत्वपूर्ण काम किए हैं, और जैसा आपको पता है, पिछले साल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान हमने पाकिस्तान के जो भी नापाक इरादे थे, उनको विफल किया और सफलता हासिल की। इस सफलता के लिए भी मैं वेस्टर्न कमांड के सभी ट्रूप्स को बधाई देना चाहता हूं और उनको बहुत-बहुत धन्यवाद देना चाहता हूं। पर ऑपरेशन सिंदूर के बाद हमने अपनी तैयारी जारी रखी है, और ट्रेनिंग के अलावा जहां भी नया इक्विपमेंट, ड्रोन, काउंटर-ड्रोन इक्विपमेंट, इन सबका बड़े पैमाने पर हम प्रोक्योरमेंट कर रहे हैं, और जहां जरूरत है, हम इनको खुद इन-हाउस अपनी वर्कशॉप्स में मैन्युफैक्चर भी कर रहे हैं। इसके साथ-साथ वेस्टर्न कमांड में हमारा फोकस इस चीज पर भी रहा है कि किस तरीके से हम अपने सभी रैंक्स की, ऑफिसर्स, जेसीओज, जवानों के जो रहने के स्थान हैं, मेडिकल सुविधाएं हैं, स्कूल की सुविधाएं हैं, उनको बेहतर बनाएं। साथ ही, हमारे जो वेट्रन्स हैं, एक्स-सर्विसमैन हैं, उनका हम किस तरीके से ख्याल रख सकते हैं, मेडिकल के बारे में, उनकी पेंशन के बारे में, तो इस विषय में भी हमारा पूरा ध्यान रहा है। यहां पर मैं यह भी कहना चाहूंगा कि वेस्टर्न कमांड ने जो भी काम किया है ऑपरेशन सिंदूर के दौरान और पिछले वर्ष जब बहुत बड़ी आपदा आई थी बाढ़ की, उसमें ‘ऑपरेशन राहत’ में हमने काम किया। पर इन सभी मौकों पर हमें पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, जम्मू, दिल्ली सभी की लोकल पॉपुलेशन का, आम लोगों का, सिविल एडमिनिस्ट्रेशन का, सीएपीएफ, बीएसएफ का पूरा-पूरा सपोर्ट मिला है। यहां मैं अपने मीडिया के साथियों को भी धन्यवाद देना चाहता हूं कि हमने जो भी अच्छा काम किया, उसको उन्होंने अच्छा कवरेज दिया और जहां भी अगर कोई हमारी गलती थी, तो उसको भी प्वाइंट आउट किया। तो मैं मीडिया के साथियों को भी इस बारे में बहुत-बहुत धन्यवाद देना चाहता हूं। और एक बार फिर से जब आज तकरीबन 3 साल की कमांड के बाद मैं वेस्टर्न कमांड से जा रहा हूं और तकरीबन 40 साल की सर्विस के बाद फौज छोड़ रहा हूं, तो सभी लोगों का, सभी फौजी साथियों का, सभी सिविल एडमिनिस्ट्रेशन के ऑफिशियल्स का, सभी आम नागरिकों का जिन्होंने बढ़-चढ़कर हर ऑपरेशन में हिस्सा लिया है और मीडिया के साथियों का] सभी को मैं बहुत-बहुत धन्यवाद देना चाहता हूं। थैंक यू वेरी मच फॉर कमिंग हियर।” (गूगल जेमिनी से किया गया ट्रांसक्रिप्शन।)
पोस्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार ने हरियाणा के पंचकूला में यह प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।
भारतीय सेना के एक्स पर मौजूद फैक्ट चेक अकाउंट ‘INDIAN ARMY FACT CHECK’ से भी 26 अक्टूबर 2026 को पोस्ट कर वायरल वीडियो को डिजिटली अल्टर्ड बताया गया था। इस पोस्ट के अनुसार, “असली वीडियो 30 मार्च 2026 को पंचकूला के चंडीमंदिर में रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार के रिटायरमेंट की पूर्व संध्या पर हुई मीडिया बातचीत का है। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’, ‘ऑपरेशन राहत’, ऑपरेशनल तैयारियों और वेस्टर्न कमांड की अन्य पहलों के बारे में चर्चा की थी। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के भारत का अगला बड़ा ‘फ्लैशप्वाइंट’ (तनाव का मुख्य केंद्र) बनने के बारे में ऐसा कोई बयान नहीं दिया था।”
वायरल वीडियो में एआई से छेड़छाड़ की संभावना को देखते हुए हमने इसे एआई डिटेक्शन टूल ‘uncovai’ से चेक किया। इसमें इसके ऑडियो के 100 फीसदी एआई निर्मित होने की संभावना जताई गई।

वीडियो के ऑडियो को हमने ‘aurigin’ पर चेक किया तो इसमें भी इसे 94 फीसदी एआई संभावित बताया गया।

अतिरिक्त पुष्टि के लिए हमने अपने सहयोगी ‘टीआईए’ (पूर्व में एमसीए) की पहल ‘डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट’ (डीएयू) से संपर्क किया। डीएयू की एनालिसिस के अनुसार, ‘हिया’ से चेक करने पर भी इसका ऑडियो 98 फीसदी एआई संभावित निकला।

इससे साफ हो गया कि वीडियो में एआई से बने ऑडियो को जोड़ा गया है।
क्या है संदर्भ?
आईटीबीपी महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने अक्टूबर 2026 में अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा पर तनाव जारी रहने की आधिकारिक पुष्टि की थी। ‘दैनिक जागरण’ की वेबसाइट पर 23 अक्टूबर 2026 को छपी खबर में लिखा है, “राजस्थान के अलवर में आयोजित एक कार्यक्रम में शत्रुजीत कपूर ने कहा था कि जुलाई 2026 से अरुणाचल में एलएसी पर भारत-चीन का टकराव जारी है। साथ ही, उन्होंने कहा था कि नई गठित शौर्य कमांडो टीम के जवानों ने टकराव के दौरान बेहतरीन काम किया है। इसके बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था, “जैसा कि हमने पहले भी उल्लेख किया है, जब चीनी सेनाएं पहले से तय गश्त के तौर-तरीकों से हटती हैं, तो भारत-चीन के सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिति समय-समय पर बिगड़ जाती है।” बता दें कि अरुणाचल प्रदेश में एलएसी पर जुलाई से तनाव है।”
डीपफेक वीडियो को गलत दावे से शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। सितंबर 2026 में बने इस अकाउंट की लोकेशन हरियाणा दी गई है। यह यूजर एक विशेष विचारधारा से प्रभावित है।
वीडियो पर ‘BABA THOKA‘ लिखा हुआ है। इस आधार पर एक्स प्लेटफॉर्म पर इस अकाउंट के बारे में सर्च करने पर पता चला कि इस पर भारत में रोक है।
‘एक्सप्रेस वीपीएन’ से इस अकाउंट को चेक करने पर पता चला कि दिसंबर 2025 में बने इस अकाउंट की लोकेशन साउथ एशिया दी हुई है। इस अकाउंट से वीडियो को 26 अक्टूबर 2026 को शेयर किया गया था।

इस अकाउंट से पहले भी फेक पोस्ट की गई हैं, जिनकी फैक्ट चेक रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।

इससे पहले भी अरुणाचल प्रदेश को लेकर कुछ फेक पोस्ट की गई थीं, जिनकी फैक्ट रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।
निष्कर्ष: अरुणाचल प्रदेश को लेकर चेतावनी देते रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार का वायरल वीडियो डीपफेक है। असली वीडियो मार्च 2026 का है, जिसमें उन्होंने अरुणाचल प्रदेश का कोई जिक्र नहीं किया था। असली वीडियो में एआई से बना ऑडियो जोड़कर उसे वायरल किया जा रहा है।

- Claim Review : रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार ने पहले ही अरुणाचल प्रदेश को लेकर चेतावनी दी थी।
- Claimed By : X User- Aman Bhardwaj
- Fact Check : झूठ
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