अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले में मई 2025 में सियांग डैम प्रोजेक्ट के विरोध में लोगों ने प्रदर्शन किया था। उस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प भी हुई थी। उस घटना के वीडियो को अरुणाचल में चीन के सैनिकों की घुसपैठ के झूठे दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक (डीजी) शत्रुजीत सिंह कपूर ने हाल ही में कहा था कि अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के सैनिकों के साथ जुलाई 2026 से आमने-सामने की झड़प की स्थिति अभी भी बनी हुई है। इसके बाद सोशल मीडिया पर अरुणाचल प्रदेश में चीन के सैनिकों की घुसपैठ के दावे से कुछ वीडियो वायरल हो रहे हैं, जो विश्वास न्यूज की पड़ताल में भ्रामक निकले हैं।
अब आम लोगों और वर्दी पहने जवानों के बीच झड़प का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कुछ यूजर्स इसे शेयर कर दावा कर रहे हैं कि अरुणाचल प्रदेश में घुसे चीन के सैनिकों की स्थानीय लोगों से झड़प हुई है।
विश्वास न्यूज ने वायरल दावे की जांच की तो पता चला कि यह वीडियो अरुणाचल प्रदेश के सियांग डैम प्रोजेक्ट के खिलाफ हुए प्रदर्शन का है। इस डैम के विरोध में प्रदर्शन कर रहे स्थानीय लोगों की अरुणाचल पुलिस से झड़प हुई थी। उसी घटना के वीडियो को अब गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
क्या है वायरल पोस्ट?
एक्स यूजर ‘Ajay shah’ ने 27 अक्टूबर 2026 को एक वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “चीनी आर्मी देखो कैसे अरुणाचल प्रदेश में हिंसा के रही है। लेकिन मोदी को दिखाई नहीं दे रहा है उन्हें तो सिर्फ प्रोटेस्ट में ही आतंकवादी ढूंढना है।”
पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम को गूगल लेंस पर सर्च किया। फेसबुक यूजर ‘BAALO ADI‘ ने वायरल हो रहे वीडियो को 23 मई 2025 को अपलोड किया था। अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट के रहने वाले यूजर ने एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, “‘एंटी-डैम पार्टी’ के अनिश्चितकालीन धरने का आज का नजारा। आज, सियांग जिले और अपर सियांग जिले की ‘एंटी-डैम पार्टी’ ने सियांग जिले के बेगिंग गांव में एक विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया। यह वही जगह है, जहां NHPC का ‘सियांग डैम प्रोजेक्ट’ प्रस्तावित है। इस प्रदर्शन में लगभग 400 लोग शामिल हुए। विरोध के दौरान, नाराज कार्यकर्ताओं के एक समूह ने गांव के झूला पुल (हैंगिंग ब्रिज) में आग लगा दी, जिससे पुल को आंशिक नुकसान पहुंचा। बाद में ‘आदि स्टूडेंट्स यूनियन’ (AdiSU) के अध्यक्ष जिरबो जमोह भी विरोध स्थल पर पहुंचे। एडवोकेट बानू तातक ने SIFF की कार्यकारी टीम और AdiSU के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर, प्रस्तावित बांध स्थल का दौरा करने के लिए प्रशासन से अनुमति ली। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने उन्हें वहां लगाई गई ड्रिलिंग मशीनें दिखाईं। प्रदर्शनकारियों, कार्यकर्ताओं और अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद तनाव कम हुआ। दोपहर को यह धरना शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया।”

इस फेसबुक प्रोफाइल पर पोस्ट किए गए वीडियो में दिख रहे जवान की वर्दी पर ‘APPS’ लिखा है। गूगल सर्च के दौरान हमें पता चला कि यह ‘अरुणाचल प्रदेश पुलिस सर्विस’ से संबंधित है।

फेसबुक पेज ‘Siang Voice’ पर 23 मई 2025 को इस प्रदर्शन से संबंधित दूसरा वीडियो पोस्ट किया गया था। इसके अनुसार, “सियांग इंडिजिनस फार्मर्स फोरम (SIFF) ने इस क्षेत्र में प्रस्तावित 11,000 MW जलविद्युत परियोजना के विरोध में ‘नो डैम, नो PFR’ के नारे के साथ बेगिंग गांव में एक अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है। इस विरोध-प्रदर्शन में सियांग, अपर सियांग और ईस्ट सियांग जिलों के हजारों लोगों ने हिस्सा लिया है।”

प्रस्तावित डैम के विरोध के बारे में गूगल पर कीवर्ड से सर्च करने पर हमें ‘द हिंदू’ में 25 अक्टूबर 2026 को छपी एक रिपोर्ट का लिंक मिला। इसके मुताबिक, “अरुणाचल प्रदेश पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 24 अक्टूबर की रात पूर्वी सियांग जिले में भीड़ ने एनएचपीसी ऑफिस और एक पुलिस स्टेशन में आग लगा दी थी। साथ ही राज्य में भाजपा प्रमुख समेत तीन राजनीतिक नेताओं के घरों में तोड़फोड़ की गई। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा है कि शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार लोकतंत्र का एक जरूरी हिस्सा है, लेकिन यह जरूरी है कि प्रदर्शन कानून के दायरे में रहे और इससे प्रॉपर्टी को नुकसान न हो या पब्लिक ऑर्डर में कोई रुकावट न आए। सीएम ने कहा कि पासीघाट की घटनाएं अफसोसजनक हैं और उन्होंने समाज के सभी वर्गों से शांति बनाए रखने की अपील की। मुख्यमंत्री ऑफिस की तरफ से जारी एक बयान के मुताबिक, खांडू ने कहा कि पावर प्रोजेक्ट को लेकर सियांग, अपर सियांग और ईस्ट सियांग जिलों में 23 अक्टूबर को 12 घंटे का बंद काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा। हालांकि, बंद खत्म होने के बाद पासीघाट में हिंसा भड़क गई। वहीं, प्रस्तावित सियांग अपर मल्टीपर्पस प्रोजेक्ट के विरोध में पासीघाट में हुई हिंसा के बाद केंद्र ने सीआरपीएफ की दो रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) कंपनियों को अरुणाचल प्रदेश भेजा है।”
इस बारे में हमने ‘सियांग वॉयस’ फेसबुक पेज के एडमिन इपक से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि वह इस प्रदर्शन को कवर भी कर रहे हैं। वायरल हो रहा वीडियो पुराना है और इसी प्रदर्शन से संबंधित है। यहां से एलएसी करीब 40 किमी दूर है और यहां चीन के सैनिकों के साथ झड़प नहीं हुई है।
क्या है संदर्भ?
आईटीबीपी के डीजी शत्रुजीत सिंह कपूर ने अक्टूबर 2026 में राजस्थान के अलवर में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि पिछले कुछ दिनों से अरुणाचल में एलएसी पर कई स्थानों पर चीन के सैनिकों के साथ टकराव जारी है। ‘दैनिक जागरण’ की वेबसाइट पर 23 अक्टूबर 2026 को छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, “कपूर ने नई गठित शौर्य कमांडो टीम की तारीफ करते हुए कहा था कि जवानों ने अरुणाचल में चीनी सैनिकों के साथ टकराव के दौरान अच्छा काम किया है। इसके बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “जैसा कि हमने पहले भी उल्लेख किया है, जब चीनी सेनाएं पहले से तय गश्त के तौर-तरीकों से हटती हैं, तो भारत-चीन सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिति समय-समय पर बिगड़ जाती है।” गौरतलब है कि अरुणाचल प्रदेश में एलएसी पर जुलाई 2026 से ही तनाव है।”
वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को अंत में हमने स्कैन किया। दिसंबर 2024 में बने इस अकाउंट के 4,500 से अधिक फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले में मई 2025 में सियांग डैम प्रोजेक्ट के विरोध में लोगों ने प्रदर्शन किया था। उस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प भी हुई थी। उस घटना के वीडियो को अरुणाचल में चीन के सैनिकों की घुसपैठ के झूठे दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

- Claim Review : अरुणाचल प्रदेश में घुसे चीन के सैनिकों की स्थानीय लोगों से झड़प हुई।
- Claimed By : X User- Ajay shah
- Fact Check : झूठ
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