जलेश शर्मा
नीलांबर-पीतांबरपुर (पलामू): अलौला गांव में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश से गांव की जोड़ने वाली सड़क पूरी तरह जलमग्न हो चुकी है, जिससे सड़क पर जगह-जगह घुटने तक जमा पानी और दलदल जैसे कीचड़ के बीच ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं।
स्कूली बच्चों और बुजुर्गों की बढ़ी परेशानियां
सड़क की इस जर्जर स्थिति के कारण सबसे अधिक कठिनाई स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। दैनिक कार्यों, बाजार जाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों के पास कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल मानसून के दौरान यह समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है, लेकिन प्रशासनिक उपेक्षा के कारण अब तक सड़क का स्थायी निर्माण नहीं कराया जा सका है।
जनप्रतिनिधियों की वादाखिलाफी से ग्रामीणों में भारी आक्रोश
सड़क की दुर्दशा को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा वर्तमान जनप्रतिनिधियों पर फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय वोट मांगने के लिए हर घर तक पहुंचने वाले नेता चुनाव जीतते ही गांव की मूलभूत समस्याओं को भूल जाते हैं। जनप्रतिनिधियों की इस उदासीन कार्यशैली से ग्रामीणों में गहरा असंतोष व्याप्त है।
प्रशासन को चेतावनी और त्वरित कार्रवाई की मांग
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने पलामू जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तुरंत जलनिकासी की वैकल्पिक व्यवस्था करने तथा सड़क के पक्कीकरण की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन और धरना-प्रदर्शन का रास्ता अख्तियार करने को बाध्य होंगे।
पूर्वी जिला परिषद सदस्य भावी प्रत्याशी ने की हस्तक्षेप की मांग
मामले में पूर्वी जिला परिषद सदस्य के भावी प्रत्याशी ईश्वरी राम ने भी ग्रामीणों की समस्याओं का समर्थन किया है। उन्होंने पलामू जिला प्रशासन का ध्यान अलौला की बदहाल स्थिति की ओर आकर्षित करते हुए तत्काल संज्ञान लेने और निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि इस जनसमस्या पर प्रशासनिक अमला और स्थानीय जनप्रतिनिधि कब तक हरकत में आते हैं या अलौला के ग्रामीणों को आगे भी इसी नारकीय स्थिति का सामना करना पड़ेगा।
















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