राँची। राज्य में बढ़ते शहरीकरण के दबाव को कम करने और भविष्य की आबादी को व्यवस्थित आवास व बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से झारखंड सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के तेजी से विकसित हो रहे जिलों में सैटलाइट टाउनशिप (उप-नगर) विकसित करने की संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए अधिकारियों को एक विस्तृत और व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करने का सख्त निर्देश दिया है।
यह निर्देश मुख्यमंत्री ने झारखंड मंत्रालय में ग्रेटर राँची डेवलपमेंट अथॉरिटी (GRDA) और राँची स्मार्ट सिटी से जुड़े विभिन्न भूमि मामलों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दिए। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के प्रमुख शहरों का विस्तार योजनाबद्ध और सुव्यवस्थित तरीके से होना चाहिए, ताकि आने वाले समय में अनियंत्रित शहरीकरण की समस्याओं से बचा जा सके।
भविष्य की जरूरतों पर केंद्रित हो विकास का खाका
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सैटलाइट टाउनशिप के निर्माण का उद्देश्य केवल बहुमंजिला इमारतें या सड़कें बनाना नहीं है, बल्कि एक ऐसा समग्र पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है जहाँ लोगों को उच्च स्तरीय नागरिक सुविधाएँ मिल सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्ययोजना बनाते समय मुख्य रूप से पाँच स्तंभों—उपलब्ध भूमि, सुगम कनेक्टिविटी, आधुनिक बुनियादी ढांचा, रोजगार के अवसर और भविष्य की अनुमानित जनसंख्या—को केंद्र में रखा जाए।
”शहरी विकास का दायरा महज कंक्रीट के ढाँचों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। हमारी प्राथमिकता नागरिकों को एक सुरक्षित माहौल, बेहतर जीवन स्तर और सुलभ आवागमन के साधन प्रदान करने की होनी चाहिए,” मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा।
स्मार्ट सिटी और HEC भूमि मामलों पर मंथन
बैठक में राँची स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के भावी विस्तार और एचईसी (HEC) से जुड़ी भूमि के लंबित मामलों की भी गहन समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि भूमि अधिग्रहण और उसके हस्तांतरण से जुड़ी तमाम प्रक्रियाओं में तेजी लाई जाए ताकि विकास योजनाओं की रफ्तार धीमी न पड़े। उन्होंने कहा कि सरकारी व सार्वजनिक क्षेत्र की अव्यवहार्य या अनुपयोगी पड़ी जमीनों का बेहतर इस्तेमाल शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में किया जाना चाहिए।
नियमित समीक्षा और समयबद्ध निष्पादन
योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन को लेकर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि शहरी विकास से जुड़ी परियोजनाओं की नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सभी संबंधित विभागों से समन्वय बनाकर जल्द से जल्द एक स्पष्ट खाका प्रस्तुत करने को कहा है, ताकि सैटलाइट टाउनशिप की परिकल्पना को समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारा जा सके।
बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग, GRDA और राँची स्मार्ट सिटी कॉर्पोरेशन के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी व अभियंता मौजूद थे।
















Leave a Reply