Advertisement

करंट से झुलसे आशीष की मौत के बाद तरहसी PHC में बवाल, अस्पताल की ‘लापरवाही’ के खिलाफ उग्र हुए ग्रामीण

मेदिनीनगर (पलामू): प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) तरहसी एक बार फिर अपनी चरमराती स्वास्थ्य सेवाओं, कर्मचारियों की संवेदनहीनता और खुलेआम हो रही धांधली को लेकर विवादों के घेरे में है। सोमवार को अस्पताल प्रबंधन की कथित लापरवाही और बदहाली ने एक 30 वर्षीय युवक की जान ले ली। मिसीर पतरा गांव निवासी आशीष कुमार (पिता- नरेश साव) की कार्य करने के दौरान करंट लगने से हालत बिगड़ गई थी, जिसके बाद परिजन उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए तरहसी पीएचसी लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि अस्पताल में न तो समय पर बेहतर आपातकालीन डॉक्टरी सुविधाएं मिलीं ना ही ऑक्सीजन

​युवक की मौत की खबर फैलते ही ग्रामीणों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था से आक्रोशित ग्रामीणों ने पीएचसी के मुख्य गेट को पूरी तरह जाम कर दिया और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना था कि तरहसी पीएचसी अब इलाज का केंद्र न बनकर दुर्व्यवस्था और उगाही का अड्डा बन चुका है, जहां गरीब मरीजों को केवल परेशानी और उपेक्षा ही मिलती है।

​पीएचसी गेट पर घंटों ठप रहा आवागमन, पुलिस ने संभाला मोर्चा

​अस्पताल गेट पर बढ़ते आक्रोश को देखकर परिसर में भारी तनाव की स्थिति बन गई। देखते ही देखते मुख्य मार्ग पर भी आवागमन बाधित हो गया। घटना की सूचना मिलते ही तरहसी थाना के एसआई मनींद्र शर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित भीड़ को शांत कराने और जाम हटाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे।

​ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक जिला के सिविल सर्जन स्वयं मौके पर आकर इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली, चिकित्सकों व कर्मियों की गैर-जिम्मेदारी और एम्बुलेंस वसूली के मामले की सीधी जांच नहीं करते, तब तक वे हटने वाले नहीं हैं।

​जनप्रतिनिधियों ने जताई नाराजगी, सिविल सर्जन के आश्वासन पर खुला जाम

​मौके पर उपस्थित  समाजसेवी सह चेंबर अध्यक्ष गोपाल प्रसाद, सांसद प्रतिनिधि अनिल सिंह, समाजसेवी सुधीर यादव, उज्जवल पांडेय, समाजसेवी लड्डू रजक, रामदेव साव,कमलदेव साव,धनेश्वर साव,गणेश साव चंद्रदेव पासवान समेत दर्जनों गणमान्य लोगों ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर गहरा रोष व्यक्त किया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पीएचसी में न तो आपातकालीन स्थिति में पर्याप्त जीवन रक्षक दवाएं मिलती हैं और न ही ड्यूटी पर तैनात कर्मी संवेदनशीलता दिखाते हैं। गरीबों को स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर सिर्फ छला जा रहा है।

​उग्र आंदोलन की चेतावनी: ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है कि यदि मृतक आशीष कुमार के मामले में लापरवाही बरतने वालों, एम्बुलेंस के नाम पर अवैध राशि मांगने वालों और अस्पताल की चरमरा चुकी व्यवस्था को सुधारने के लिए कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो वे केवल पीएचसी गेट ही नहीं बल्कि पूरे जिले स्तर पर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright 2026. All right reserved. Loktantra TV News Website Design by E- MEDIA Web & App - 7999906109
error: Content is protected !!