दिल्ली में 20 जुलाई 2026 को सीजेपी के ‘संसद मार्च’ के दौरान सुरक्षाबल के जवानों और प्रदर्शनकारियों में झड़पें हुई थीं। हालांकि, इससे जोड़कर वायरल हो रहा वीडियो पहले का है। इसका ‘संसद मार्च’ से कोई संबंध नहीं है।
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। दिल्ली में 20 जुलाई 2026 को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के आह्वान पर ‘संसद मार्च’ निकाला गया था। इस दौरान सुरक्षाबल और प्रदर्शनकारियों में हिंसक झड़पें भी हुई थीं। इससे जोड़कर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक पुलिसकर्मी को गाड़ी के शीशे तोड़ते हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इसे शेयर कर दावा कर रहे हैं कि सीजेपी के ‘संसद मार्च’ के दौरान प्रदर्शनकारियों को बदनाम करने के लिए पुलिस ने ये शीशे तोड़े हैं।
विश्वास न्यूज की जांच में वायरल वीडियो 20 जुलाई 2026 से पहले का निकला। हालांकि, हम इसकी सटीक लोकेशन की पुष्टि नहीं करते हैं, लेकिन इतना साफ है कि इस वीडियो का सीजेपी के ‘संसद मार्च’ से कोई संबंध नहीं है।
क्या है वायरल पोस्ट?
एक्स यूजर ‘Dhruv rathi india(fan page)’ ने 21 जुलाई 2026 को वीडियो को पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “छात्रों को फंसाने की साजिश बेनकाब! कैमरे ने खोली सिस्टम की पोल! जरा ध्यान से देखिए इस वीडियो को… वर्दीधारी जवान खुद सरेआम डंडों से गाड़ियों के शीशे तोड़ रहे हैं। कल को यही वीडियो दिखाकर गोदी मीडिया और प्रशासन चिल्ला-चिल्ला कर कहेगा कि ‘प्रोटेस्ट करने वाले छात्रों ने उपद्रव किया और गाड़ियां तोड़ीं!’ अपने हक की लड़ाई लड़ रहे युवाओं के शांतिपूर्ण आंदोलन को हिंसक साबित करने की यह घिनौनी साजिश है। क्या सरकार इसी तरह छात्रों की आवाज दबाएगी?”
पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने वीडियो का कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। ‘एबीपी लाइव मध्य प्रदेश’ के फेसबुक पेज पर 13 जुलाई 2026 को एक वीडियो न्यूज पोस्ट की गई थी। इसमें वायरल क्लिप को भी देखा जा सकता है। इसके अनुसार, “दतिया में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदर्शन के दौरान डीएम और एसपी भाजपा कार्यकर्ताओं पर तोड़फोड़ का आरोप लगा रहे हैं। इस बीच एक सीसीटीवी फुटेज वायरल हो रहा है, जिसमें एक पुलिसकर्मी गाड़ी के शीशे तोड़ते हुए दिखाई दे रहा है।” फुटेज पर 11 जुलाई 2026 की तारीख दी गई है और समय सुबह 5:25 का दिख रहा है।

‘NDTV MP Chhattisgarh’ के एक्स हैंडल से भी 13 जुलाई 2026 को इस वीडियो क्लिप से संबंधित खबर को पोस्ट किया गया था। इसमें वीडियो क्लिप को दतिया का बताया गया है।

‘नवभारत’ के इंस्टाग्राम अकाउंट से 12 जुलाई 2026 को वायरल वीडियो क्लिप को पोस्ट कर इसे दतिया का बताया गया।

‘अमर उजाला’ की वेबसाइट पर 13 जुलाई 2026 को छपी रिपोर्ट में भी वायरल वीडियो को देखा जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, “दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा ने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाया है। इसके बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने हंगामा किया था। अब एक सीसीटीवी फुटेज सामने आई है, जिसमें पुलिसकर्मी गाड़ियों में तोड़फोड़ करते दिख रहे हैं। इसके बाद प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने इस वीडियो की जांच कराने की बात कही है।”
इस बारे में हमने दतिया में ‘नईदुनिया’ के रिपोर्टर कुलदीप सक्सेना से संपर्क कर उन्हें वायरल वीडियो भेजा। उन्होंने कहा कि यह फुटेज वायरल हुई थी, लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है कि यह दतिया का है। पुलिस ने भी अभी इस बारे में कुछ स्पष्ट नहीं किया है।
हम यह पुष्टि नहीं करते कि यह वीडियो कहां का है, लेकिन यह 20 जुलाई 2026 को हुए सीजेपी के ‘संसद मार्च’ से पहले का है।
क्या है संदर्भ?
सीजेपी के ‘संसद मार्च’ में 20 जुलाई 2026 को हजारों लोग शामिल हुए। इस दौरान सुरक्षाबल और प्रदर्शनकारियों में झड़पें हुईं। इसमें कई पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। ‘दैनिक जागरण’ की 20 जुलाई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, जब प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। बता दें कि सीजेपी का जंतर मंतर पर 20 जून से अनशन चल रहा है। वहीं, 23 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने 18 जुलाई को सफदरजंग हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया था।
‘बीबीसी’ की 21 जुलाई 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, 20 जुलाई को हुए टकराव के बाद जंतर मंतर पर फिर से प्रदर्शनकारी इकट्ठा हो रहे हैं। वहीं, पुलिस के बयान के मुताबिक सोमवार को हुए प्रदर्शन के दौरान 60 पुलिसकर्मी घायल हुए और 70 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।

वीडियो को भ्रामक दावे से शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। मई 2025 में बने इस अकाउंट के आठ हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: दिल्ली में 20 जुलाई 2026 को सीजेपी के ‘संसद मार्च’ के दौरान सुरक्षाबल के जवानों और प्रदर्शनकारियों में झड़पें हुई थीं। हालांकि, इससे जोड़कर वायरल हो रहा वीडियो पहले का है। इसका ‘संसद मार्च’ से कोई संबंध नहीं है।

- Claim Review : सीजेपी के ‘संसद मार्च’ के दौरान प्रदर्शनकारियों को बदनाम करने के लिए पुलिस ने गाड़ी के शीशे तोड़े।
- Claimed By : X User- Dhruv rathi india(fan page)
- Fact Check : भ्रामक
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