आरोपियों का जुलूस निकालती पुलिस का वीडियो राजस्थान के श्रीगंगानगर का नहीं, बल्कि गुजरात का है। अप्रैल 2026 में गुजरात पुलिस ने एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने और उसे ब्लैकमेल करने के आरोप में आठ आरोपियों को पकड़ा था और उनका जुलूस निकाला था। इसी घटना के वीडियो को अब गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। कुछ लोगों को पकड़कर ले जाती पुलिस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि सभी लोगों के हाथ रस्सी से बंधे हुए हैं और वे लगड़ाकर चल रहे हैं। पुलिस उनका जुलूस निकाल रही है। इस वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने वाले आरोपियों का है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनका जुलूस निकाला है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया। यह वीडियो राजस्थान के श्रीगंगानगर में हुई घटना का नहीं, बल्कि गुजरात का है। दरअसल, अप्रैल 2026 में गुजरात के खेड़ा में एक नाबालिग को प्रेमजाल में फंसाकर कुछ युवकों ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को पकड़कर उनका जुलूस निकाला था। इसी घटना के वीडियो को अब श्रीगंगानगर की घटना से जोड़कर वायरल किया जा रहा है।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘Dinesh Prasad Bidua’ ने 6 जुलाई 2026 को वायरल वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “राजस्थान के श्रीगंगानगर से रूह कंपा देने वाली वारदात..13 साल की एक मासूम बच्ची को अगवा कर 5 दिनों तक होटलों में बंधक बनाया गया, जहाँ दरिंदों ने उसके साथ बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। इस घिनौने रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस की SIT ने अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए हैवानियत के ठिकाने बने 3 होटलों को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया है। पीड़ित बच्ची का इलाज जारी है। कानून से सख्त से सख्त सजा की मांग।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो का लंबा वर्जन ‘Brut Hindi’ के आधिकारिक फेसबुक पेज पर मिला। वीडियो को 20 अप्रैल 2026 को शेयर किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, वीडियो गुजरात के खेड़ा जिले का है। पुलिस ने नाबालिग के साथ कथित तौर पर कई बार दुष्कर्म करने और उसे ब्लैकमेल करने के आरोप में आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर उनका जुलूस निकाला था।

प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी न्यूज रिपोर्ट ‘deshgujarat’ की आधिकारिक वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को 18 अप्रैल 2026 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात के खेड़ा जिले के चंदना गांव में पुलिस ने एक नाबालिग हिंदू लड़की के साथ कथित तौर पर तीन साल तक बार-बार यौन शोषण और ब्लैकमेल करने के आरोप में आठ लोगों को गिरफ्तार किया था, जबकि एक आरोपी फरार था। POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने जांच में पाया था कि मुख्य आरोपी परवेज पठान ने लगभग दो साल पहले नाबालिग को “प्यार के जाल” में फंसाया था। फिर उसने नाबालिग की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए और उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। उसने अपने कई दोस्तों के साथ मिलकर नाबालिग का दुष्कर्म भी किया।

‘गुजराती दैनिक जागरण’ की वेबसाइट पर 17 अप्रैल 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी नाबालिग को कई सालों से ब्लैकमेल कर रहा था। ऐसे में परेशान होकर नाबालिग ने अपने परिवार को आपबीती बताई। फिर पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए शिकायत दर्ज कर तुरंत कार्रवाई शुरू की और आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया।
अधिक जानकारी के लिए हमने गुजराती जागरण के एसोसिएट एडिटर जीवन कपूरिया से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि यह वीडियो गुजरात के खेड़ा का है और करीब तीन महीने पुराना है। नाबालिग के साथ दुष्कर्म और उसे ब्लैकमेल करने के आरोप में इन आरोपियों को पकड़ा गया था। पुलिस ने इनका जुलूस भी निकाला था।
क्या है संदर्भ?
राजस्थान के श्रीगंगानगर में 13 साल की एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने का संवेदनशील मामला सामने आया है। न्यूज रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़िता अपनी एक दोस्त से मिलने के लिए श्रीविजयनगर गई हुई थी। फिर एक ई-रिक्शा चालक ने नाबालिग को बहलाकर कहा कि वह उसे घर छोड़ देगा, लेकिन आरोपी ने लड़की को बेच दिया। चार होटलों में पीड़िता के साथ 32 लोगों ने कई दिनों तक बार-बार दुष्कर्म किया और जबरन उसे शराब भी पिलाई गई। पुलिस और जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए तीनों होटलों को ध्वस्त कर दिया है। अभी तक इस मामले में कुल 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पूरी रिपोर्ट को यहां, यहां और यहां पढ़ा जा सकता है।
अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले फेसबुक यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को सात हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। यूजर ने प्रोफाइल में खुद को यूपी का रहने वाला बताया है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि आरोपियों का जुलूस निकालती पुलिस का वीडियो राजस्थान के श्रीगंगानगर का नहीं, बल्कि गुजरात का है। अप्रैल 2026 में गुजरात पुलिस ने एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने और उसे ब्लैकमेल करने के आरोप में आठ आरोपियों को पकड़ा था और उनका जुलूस निकाला था। इसी घटना के वीडियो को अब गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

- Claim Review : श्रीगंगानगर में नाबालिग का दुष्कर्म करने वाले आरोपियों का पुलिस ने निकाला जुलूस।
- Claimed By : FB User Dinesh Prasad Bidua
- Fact Check : झूठ
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