नेपाल में संसदीय चुनाव से पहले फरवरी 2026 में तनाहु जिले में मॉक ड्रिल की गई थी। उस दौरान के वीडियो को बांग्लादेश सीमा पर बाड़बंदी का विरोध करते लोगों का बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है।
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने के बाद भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़बंदी का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इससे जोड़कर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें सुरक्षाबल के जवानों को कई लोगों पर हथियार ताने हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इसे शेयर कर दावा कर रहे हैं कि सुरक्षाकर्मियों ने बांग्लादेश सीमा पर भारत द्वारा किए जा रहे बाड़बंदी का विरोध करते मुसलमानों को गोली मारने की चेतावनी दी।
विश्वास न्यूज ने इसकी जांच की तो पता चला कि वायरल वीडियो नेपाल का है। वहां फरवरी 2026 में की गई एक मॉक ड्रिल के वीडियो को भारत-बांग्लादेश सीमा का बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है।
क्या है वायरल पोस्ट?
फेसबुक यूजर ‘Raj Rauniyar’ ने 3 जून 2026 को वीडियो शेयर (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “बांग्लादेश सीमा पर जो लोग बाड़बंदी के काम में जिहादी बाधा डालने की कोशिश कर रहे थे,फिर BSF के जवानों ने बोला पीछे हट जाओ वरना पहली गोली घुटने के नीचे लगेगी। दूसरी गोली सीना चीर देगी।”

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम निकालकर उन्हें गूगल लेंस से सर्च किया। नेपाल की न्यूज वेबसाइट ‘भंज्यांग न्यूज’ पर छपी एक खबर में वीडियो का कीफ्रेम देखा जा सकता है। गूगल ट्रांसलेट की मदद से हमने खबर का अनुवाद किया। इसके अनुसार, आगामी संसदीय चुनाव को लेकर तनाहु के खेल मैदान में मॉडल वोटिंग कराई गई। इस दौरान सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों का संयुक्त अभ्यास भी कराया गया।

फेसबुक यूजर ‘District Police Office, Tanahu’ के अकाउंट से 9 फरवरी 2026 को इस अभ्यास से संबंधित तस्वीरों को पोस्ट किया गया था। इनमें वीडियो का कीफ्रेम भी है। पोस्ट के अनुसार, 21 फरवरी को होने वाले हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (प्रतिनिधि सभा) के सदस्यों के चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और भय-मुक्त माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से तनाहु जिले में मॉडल वोटिंग और मतदान केंद्र पर हो सकने वाली विभिन्न सुरक्षा चुनौतियों के प्रबंधन के लिए संयुक्त अभ्यास किया गया।

फेसबुक यूजर की तस्वीर और वायरल वीडियो के कीफ्रेम में समानता देखी जा सकती है।

इससे संबंधित खबर को ‘देवघाट ऑनलाइन’ की वेबसाइट पर भी देखा जा सकता है।
इस बारे में हमने नेपाल के स्वतंत्र पत्रकार अनुज अरोड़ा से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि यह नेपाल में हुए अभ्यास का एक पुराना वीडियो है।
क्या है संदर्भ?
पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने और चौकियों के निर्माण के लिए जमीन देने का फैसला लिया गया था। ‘ऑल इंडिया रेडियो’ की वेबसाइट पर 28 मई 2026 को छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम बंगाल की शुभेंदु सरकार ने पहले चरण में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को बाड़ और सुरक्षा चौकियां बनाने के लिए 142.79 एकड़ जमीन सौंप दिया है। बता दें कि वेस्ट बंगाल के साथ बांग्लादेश की 2,217 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है। इसमें से करीब 1,600 किमी के हिस्से पर पहले ही बाड़ लगी हुई है। अब करीब 600 किमी के क्षेत्र में फेंसिंग होनी बाकी है।
नेपाल के वीडियो को बांग्लादेश का बताकर शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के रहने वाले फेसबुक यूजर ने पहले भी इस अकाउंट से फेक पोस्ट शेयर की हैं। एक खास विचारधारा से प्रभावित इस यूजर के करीब 27 हजार फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: नेपाल में संसदीय चुनाव से पहले फरवरी 2026 में तनाहु जिले में मॉक ड्रिल की गई थी। उस दौरान के वीडियो को बांग्लादेश सीमा पर बाड़बंदी का विरोध करते लोगों का बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है।

- Claim Review : सुरक्षाकर्मियों ने बांग्लादेश सीमा पर बाड़बंदी का विरोध करते मुसलमानों को गोली मारने की चेतावनी दी।
- Claimed By : FB User- Raj Rauniyar
- Fact Check : झूठ
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