मेदिनीनगर : भक्ति, शक्ति और अटूट श्रद्धा के संगम के साथ पांकी प्रखंड के सिरम ग्राम में आयोजित तीन दिवसीय वैदिक यज्ञ का शुक्रवार, 1 मई को विधिवत समापन हो गया। इस अवसर पर नवनिर्मित मंदिर परिसर में देवी-देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा की गई और पूर्णाहुति के साथ समूचा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा।
अनुष्ठान और महाभंडारा
29 अप्रैल से शुरू हुए इस अनुष्ठान के अंतिम दिन विद्वान आचार्यों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन पूजन संपन्न हुआ। यज्ञ के मुख्य संरक्षक सह यजमान कमलेश सिंह एवं उनकी धर्मपत्नी बिंदु देवी ने पूर्ण विधि-विधान के साथ आहुति दी। समापन के उपरांत एक विशाल महाभंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सिरम सहित आसपास के दर्जनों गांवों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ कमाया।
आस्था का नया केंद्र बना संकट मोचन मंदिर
यज्ञ के दौरान ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मुख्य यजमान कमलेश सिंह ने कहा कि ग्रामवासियों की लंबे समय से यह इच्छा थी कि गांव में एक सुसज्जित और भव्य मंदिर हो। उन्होंने कहा:
”आज देवी मंडप, शिव शक्ति मंदिर और संकट मोचन हनुमान मंदिर का निर्माण पूरा होना मेरे लिए व्यक्तिगत संतोष और सौभाग्य की बात है। अब यह परिसर केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि आस्था का केंद्र बनेगा जहाँ ग्रामीण शांतिपूर्वक पूजा-अर्चना कर सकेंगे।”
आध्यात्मिक प्रवचन और ऊर्जा
यज्ञ का संचालन कर रहे आचार्य केदार पाण्डेय ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद अब सिरम की पावन धरती पर स्वयं पवनपुत्र हनुमान और शिव-शक्ति का वास हो गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे अनुष्ठानों से न केवल पर्यावरण शुद्ध होता है, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी भाईचारे का संचार होता है।
ग्रामीणों में उत्साह और उपस्थिति
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय ग्रामीणों का अभूतपूर्व सहयोग रहा। ग्रामीणों ने कमलेश सिंह के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे गांव के इतिहास में एक मील का पत्थर बताया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित गणमान्य:
समारोह के दौरान रंजीत सिंह, विजय सिंह, राजकिशोर सिंह, नागेंद्र सिंह, रामाधार सिंह, धीरेन्द्र सिंह, पुरुषोत्तम सिंह, अवधेश सिंह और अमरेश पाठक समेत बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरा क्षेत्र ‘जय श्रीराम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गुंजायमान रहा।













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