मेदिनीनगर (पलामू): पलामू जिले का तरहसी प्रखंड इन दिनों शिव-शक्ति की भक्ति के अनूठे संगम का साक्षी बन रहा है। प्रखंड के श्रीकेदाल गांव स्थित बाबा श्री केदारनाथ के पावन प्रांगण में माँ शतचंडी महायज्ञ का भव्य शुभारंभ हो गया है। इस धार्मिक अनुष्ठान ने न केवल तरहसी, बल्कि पूरे जिले में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर दिया है। 11 अप्रैल से शुरू हुआ यह महायज्ञ 17 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें आस्था, संस्कृति और वैराग्य का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है।
भव्य जल यात्रा से गूँजा आकाश
महायज्ञ का श्रीगणेश एक विशाल कलश यात्रा (जल यात्रा) के साथ हुआ। हजारों की संख्या में श्रद्धालु पीले वस्त्र धारण कर “जय माता दी” और “हर हर महादेव” के जयघोष के साथ सड़कों पर उतरे। यह यात्रा गांव की विभिन्न गलियों से होते हुए झालखंडी धाम स्थित अमानत नदी तक पहुंची। नदी तट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलशों में जल भरा गया, जिसे यज्ञ मंडप में स्थापित किया गया। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी समाज सेवी गौतम सिंह उर्फ डब्लू सिंह, राजू तिर्की, रिंकू मेहता समेत क्षेत्र के कई गणमान्य लोग और हजारों की संख्या में ग्रामीण बने।
उज्जैन के नागा साधु बने मुख्य आकर्षण
इस महायज्ञ की दिव्यता को चार चांद लगा रहे हैं उज्जैन (महाकाल नगरी) से पधारे नागा साधु। अपनी कठिन तपस्या और वैराग्य के लिए प्रसिद्ध इन साधुओं की उपस्थिति ने पूरे आयोजन को कुंभ जैसा स्वरूप दे दिया है। धूनी रमाए इन संतों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। वहीं, मिथिला से आए कुशल कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की जा रही झांकियां लोगों को मंत्रमुग्ध कर रही हैं। देवी-देवताओं के सजीव चित्रण और संगीत के मेल ने श्रीकेदाल को साक्षात देवलोक में परिवर्तित कर दिया है।
कथा व्यास बहा रहे भक्ति की गंगा
यज्ञ के दौरान प्रतिदिन आध्यात्मिक प्रवचनों की अमृत वर्षा हो रही है।
- अयोध्या से पधारे पंडित मधुसूदन शास्त्री: अपनी विशिष्ट शैली और मधुर वाणी में रामकथा का रसपान करा रहे हैं, जिसे सुनने के लिए दूर-दराज के गांवों से लोग पहुंच रहे हैं।
- उत्तर प्रदेश की कथावाचक पूजा गोस्वामी: इनके भजनों और भक्तिपूर्ण प्रवचनों ने महिलाओं और युवाओं के बीच विशेष छाप छोड़ी है।
सुरक्षा और व्यवस्था चाक-चौबंद
सात दिवसीय इस महायज्ञ के सफल संचालन के लिए स्थानीय ग्रामीणों और यज्ञ समिति ने व्यापक इंतजाम किए हैं। भीषण गर्मी को देखते हुए पेयजल और महाप्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई है। शाम के समय दीपों की रोशनी से नहाया श्रीकेदाल गांव किसी उत्सव नगरी जैसा प्रतीत होता है।
यज्ञ समिति के सदस्यों के अनुसार, यह आयोजन क्षेत्र की सुख, शांति और समृद्धि की कामना के लिए किया जा रहा है। 17 अप्रैल को पूर्णाहूति और विशाल भंडारे के साथ इस आध्यात्मिक महोत्सव का समापन होगा।













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