मेदिनीनगर (पलामू): जिले के तरहसी प्रखंड अंतर्गत उदयपुर वन पंचायत के मटपुरही गांव में जन वितरण प्रणाली (PDS) की बदहाली को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर है। सैकड़ों ग्रामीणों ने एकजुट होकर राशन डीलर रामवृक्ष साव (संचालक हेमचंद) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि उन्हें न तो समय पर राशन मिल रहा है और न ही पूरी मात्रा में। इतना ही नहीं, पशुओं के खाने लायक भी नहीं रह गई सड़ी हुई दाल का वितरण कर गरीब जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
कटौती का खेल: 35 किलो की राशन जगह मिल रहा मात्र 30 किलो राशन
ग्रामीणों ने वितरण में हो रही भारी कटौती पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मौके पर मौजूद कार्डधारकों ने बताया कि:
- अंत्योदय (पीला कार्ड): नियमानुसार 35 किलो राशन मिलना चाहिए, लेकिन डीलर द्वारा मात्र 30 किलो ही दिया जा रहा है।
- लाल कार्ड धारक: प्रति यूनिट 5 किलो के स्थान पर मात्र 4.5 किलो राशन दिया जा रहा है, यानी सीधे तौर पर प्रति यूनिट आधा किलो की कटौती की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब वे विरोध करते हैं, तो उन्हें डांट-फटकार कर भगा दिया जाता है।
डीलर की स्वीकारोक्ति: ‘ऊपर से है दबाव’
मामले में जब डीलर हेमचंद से पूछताछ की गई, तो उन्होंने चौकाने वाला खुलासा किया। डीलर ने स्वीकार किया कि बांटी जा रही दाल जून 2025 की है, जो उन्हें जनवरी 2026 के अंत में प्राप्त हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग द्वारा उन पर दबाव बनाया गया कि वे इसी सड़ी हुई दाल का वितरण करें। डीलर ने यह भी कहा कि उनका पिछला आवंटन अभी तक पूरा नहीं हुआ है, जिससे वितरण प्रभावित हो रहा है।
प्रशासनिक मिलीभगत के आरोप, आंदोलन की चेतावनी
घटनास्थल पर पहुंचे प्रखंड सांसद प्रतिनिधि अनिल सिंह ने सरकार और खाद्य आपूर्ति विभाग को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा:
”यह सीधे तौर पर गरीबों के निवाले पर डाका है। प्रशासन और डीलर की मिलीभगत से यह खेल चल रहा है। यदि तत्काल प्रभाव से वितरण व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।”
ग्रामीणों ने दी जिला मुख्यालय घेराव की धमकी
मौके पर जीरा देवी, गीता देवी, सविता देवी, माया देवी, प्रतिमा देवी, पिंकी देवी और चिंता देवी सहित दर्जनों महिलाओं ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि यदि उन्हें यूनिट के अनुसार सही राशन और गुणवत्तापूर्ण सामग्री नहीं मिली, तो वे जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन करने को बाध्य होंगी।
अधिकारी का पक्ष
इस संबंध में जब प्रभारी प्रखंड खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी नागेंद्र कुमार से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि शिकायत सत्य पाई जाती है, तो संबंधित डीलर के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पलामू के सुदूरवर्ती इलाकों में PDS व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार अब सड़कों पर आ गया है। अब देखना यह है कि प्रशासन कागजी दावों से इतर जमीनी स्तर पर ग्रामीणों को उनका हक दिला पाता है या नहीं।













Leave a Reply