पलामू पुलिस ने 15 घंटे के भीतर किया खुलासा; जमीन विवाद में 2 लाख की दी थी सुपारी
मेदिनीनगर : पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर के प्राइवेट बस स्टैंड रोड स्थित नगर पालिका मार्केट में गुरुवार रात हुई समीर खलीफा उर्फ गुड्डू की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने महज 15 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। इस सनसनीखेज मामले में जो खुलासा हुआ है, उसने सबको चौंका दिया है। समीर की हत्या की साजिश किसी और ने नहीं, बल्कि उसके सबसे करीबी दोस्त और व्यापारिक साझेदार इसराइल आजाद उर्फ मिंटू डाला ने रची थी।
दोस्ती की आड़ में रची मौत की साजिश
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि समीर की हत्या के बाद मिंटू डाला ने न केवल गहरा शोक व्यक्त करने का ढोंग किया, बल्कि पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद ही आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज कराई थी। उसने इस हत्याकांड को ‘कॉन्ट्रैक्ट किलिंग’ का रूप देने के लिए 2 लाख रुपये की सुपारी दी थी।
हत्या का कारण: 10.5 डिसमिल जमीन का विवाद
पूछताछ में यह तथ्य प्रकाश में आया कि मिंटू डाला और मृतक समीर जमीन के कारोबार में साझेदार थे। चनबारी स्थित 10.5 एकड़ (डिसमिल) जमीन को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। इसी विवाद के कारण मिंटू ने ईद के समय ही समीर की हत्या की योजना बना ली थी।
पुलिस मुठभेड़ और गिरफ्तारियां
एसपी रीमा एमेसन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी मिंटू डाला, शहजाद आलम उर्फ विक्की राइन, शूटर फैज खान, आदर्श कुमार उर्फ धोनी और तारीक शाह उर्फ मुन्नान को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस और शूटर फैज खान के बीच मुठभेड़ भी हुई। फैज ने पुलिस पर दो राउंड गोलियां चलाईं, जिसके जवाब में पुलिस की फायरिंग में फैज के पैर में गोली लगी। उसे इलाज के लिए रांची भेजा गया है।
बरामदगी और पुलिस टीम
पुलिस ने आरोपियों के पास से निम्नलिखित वस्तुएं बरामद की हैं:
- सुपारी के 39,500 रुपये नकद।
- दो देसी पिस्टल, जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल।
- मिंटू ने विक्की राइन के जरिए सुपारी की रकम भिजवाई थी।
इस सफल उद्भेदन टीम में डीएसपी राजीव रंजन, शहर थाना प्रभारी ज्योति लाल रजवार, पांकी थाना प्रभारी राजेश रंजन और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस ने मिंटू डाला पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।













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