मेदिनीनगर (पलामू): पलामू जिले के तरहसी प्रखंड अंतर्गत टरिया पंचायत के गोगदा गाँव में पानी की समस्या ने विकराल रूप ले लिया है। यहाँ लगा सरकारी जलमीनार पिछले कई वर्षों से सफेद हाथी साबित हो रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। आलम यह है कि चिलचिलाती धूप और बढ़ती गर्मी के बीच ग्रामीण मीलों पैदल चलकर पानी ढोने को मजबूर हैं।
दो महीने की खुशहाली, सालों की बदहाली
ग्रामीणों के अनुसार, यह जलमीनार निर्माण के बाद महज दो महीने ही सुचारू रूप से चल पाया था। उसके बाद इसमें आई तकनीकी खराबी को आज तक दुरुस्त नहीं किया गया। वर्तमान में यह पूरी तरह निष्क्रिय पड़ा है। गोगदा बाजार क्षेत्र में केवल एक चापाकल ही चालू स्थिति में है, जहाँ सुबह से ही ग्रामीणों की लंबी कतारें लग जाती हैं। एक बाल्टी पानी के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
जनप्रतिनिधि से लेकर अधिकारी तक सब मौन
ग्रामीणों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि उन्होंने मुखिया दीपक पासवान, जिला परिषद सदस्य कृष्णा मुरारी सिंह और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) को कई बार लिखित और मौखिक शिकायत दी है। विडंबना यह है कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (PHED) के कनीय अभियंता (JE) ग्रामीणों का फोन तक नहीं उठाते। विभाग की इस उदासीनता के कारण ग्रामीणों में शासन-प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी है।
”हम कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन हमारी प्यास किसी को दिखाई नहीं देती। अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते हैं और हमें पानी के लिए गड्ढों और दूर-दराज के कुओं पर निर्भर रहना पड़ता है।” — विश्वनाथ प्रजापति, ग्रामीण
पाइप फंसने का अजीबोगरीब तर्क
जब इस संबंध में मीडिया ने पश्चिमी जिला परिषद सदस्य कृष्णा मुरारी सिंह से बात की, तो उन्होंने एक चौंकाने वाला कारण बताया। उनके अनुसार:
- बोरिंग के पाइप सेटअप के समय पाइप अंदर गहराई में फंस गया है।
- विभाग के पास पर्याप्त मिस्त्री उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण मरम्मत कार्य रुका हुआ है।
प्रशासन के इस तर्क पर ग्रामीणों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका सवाल है कि क्या एक बड़े जिले के पास वर्षों तक एक मिस्त्री की व्यवस्था करने की क्षमता नहीं है? क्या जनता की प्यास तकनीकी खामियों और विभागीय सुस्ती की बलि चढ़ती रहेगी?
मौके पर मौजूद आक्रोशित ग्रामीण
समस्या को लेकर आयोजित बैठक में मुख्य रूप से विश्वनाथ प्रजापति, राजकुमार प्रजापति, असगर अली, कैलाश साव, मीना देवी, मुनि देवी, कृष्णा महतो, मनीष पांडेय, उदयनाथ पांडेय, ममता देवी, सुरमा देवी और अफरोज अंसारी सहित दर्जनों ग्रामीण उपस्थित थे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जलमीनार को ठीक नहीं किया गया, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।













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