मेदिनीनगर : पलामू जिले की चरमराई स्वास्थ्य सेवाओं के लिए राहत की खबर है। पिछले दो दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मियों ने शुक्रवार शाम करीब 4 बजे अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त कर दी। सिविल सर्जन डॉ. अनिल श्रीवास्तव के साथ हुई सकारात्मक वार्ता और वेतन भुगतान के ठोस आश्वासन के बाद कर्मियों ने काम पर लौटने का निर्णय लिया।
10 दिनों में होगा बकाया वेतन का भुगतान
शुक्रवार को आंदोलन के दूसरे दिन सिविल सर्जन कार्यालय परिसर में कर्मियों का भारी विरोध प्रदर्शन जारी था। गतिरोध समाप्त करने के लिए सिविल सर्जन ने प्रथम डिप्टी मेयर मंगल सिंह की उपस्थिति में कर्मियों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया। वार्ता के दौरान सिविल सर्जन ने बताया कि उन्होंने ट्रेजरी अधिकारी से इस संबंध में विस्तृत चर्चा की है और तकनीकी बाधाओं को दूर कर लिया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगले 7 से 10 दिनों के भीतर कर्मियों के तीन माह का बकाया वेतन उनके बैंक खातों में भेज दिया जाएगा।
तकनीकी खामी बनी थी रोड़ा
बैठक में यह तथ्य भी सामने आया कि कुछ कर्मियों के डेटा में तकनीकी त्रुटि थी। उदाहरण के तौर पर, एएनएम सोनी कुमारी के डबल अकाउंट होने के कारण भुगतान की प्रक्रिया बाधित हो रही थी। प्रशासन ने अब ऐसी सभी त्रुटियों को चिह्नित कर लिया है। नवंबर 2025 से फरवरी 2026 तक के बकाया मानदेय को लेकर फाइलें आगे बढ़ा दी गई हैं।
15 दिनों का अल्टीमेटम: ‘वादा खिलाफी हुई तो फिर थमेंगे हाथ’
भले ही कर्मियों ने हड़ताल वापस ले ली है, लेकिन उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी भी दी है। एनएचएम संघ के अध्यक्ष सतेंद्र कुमार ने कहा कि:
”हमने सिविल सर्जन के आश्वासन और मरीजों की परेशानियों को देखते हुए हड़ताल खत्म की है। लेकिन अगर 15 दिनों के भीतर हमारे तीन माह का बकाया वेतन नहीं मिला, तो हम दोबारा उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।”
स्वास्थ्य सेवाओं ने ली राहत की सांस
हड़ताल के कारण मेदिनीनगर मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MMCH) सहित जिले के कई स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी और अन्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई थीं। शनिवार सुबह से दिन की शिफ्ट वाले सभी कर्मी अपने मोर्चे पर तैनात हो जाएंगे, जबकि नाइट शिफ्ट वाले कर्मियों ने शुक्रवार रात से ही ड्यूटी संभाल ली है। कर्मियों ने इस संघर्ष में साथ देने के लिए स्थानीय मीडिया और डिप्टी मेयर का आभार व्यक्त किया है।
मुख्य बिंदु एक नज़र में:
- हड़ताल की अवधि: 2 दिन (गुरुवार और शुक्रवार)
- वेतन बकाया: नवंबर 2025 से फरवरी 2026 तक।
- समझौता: 10 दिनों के भीतर भुगतान का भरोसा।
- प्रभाव: MMCH और जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाएं बहाल।













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