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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दावे से 2024 का वीडियो वायरल- 2024 Jantar Mantar Protest Video Falsely Shared as Demonstration Against CEC Gyanesh Kumar

दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हुआ था। हालांकि, वायरल वीडियो जनवरी 2024 में हुए प्रदर्शन का है, जब कई संगठनों ने ईवीएम के विरोध में प्रदर्शन किया था।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों के बीच स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) समेत कुछ अन्य मुद्दों पर मतभेदों की रिपोर्ट के बाद, कांग्रेस और वामपंथी दलों समेत कई संगठनों ने देशभर में प्रदर्शन किए हैं। इन प्रदर्शनों से जोड़कर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें कई लोगों को प्रदर्शन करते हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इसे शेयर कर दावा कर रहे हैं कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में प्रदर्शन हुआ है।

विश्वास न्यूज ने इस दावे की जांच की तो पता चला कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हुआ था, जिसमें दिल्ली पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया था। हालांकि, वायरल वीडियो जनवरी 2024 में हुए प्रदर्शन का है। उस समय कई संगठनों ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के विरोध में प्रदर्शन किया था। यह वीडियो महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 के बाद ईवीएम के विरोध का बताकर पहले भी वायरल हो चुका है, जिसकी पड़ताल विश्वास न्यूज ने की थी।

क्या है वायरल पोस्ट?

एक्स यूजर ‘पीडीए परिवार’ ने 26 सितंबर 2026 को वायरल वीडियो शेयर (आर्काइव लिंक) करते हुए दिल्ली में ईवीएम और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ हुए प्रदर्शन का बताया।

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राज्यसभा सांसद ‘संजय राउत’ के एक्स हैंडल से 26 सितंबर 2026 को इस वीडियो को पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा गया, “दिल्ली में ‘ज्ञानेश कुमार हटाओ’ के विरोध में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं, आज जंतर-मंतर का नज़ारा…आर-पार की लड़ाई!”

पड़ताल

वायरल वीडियो की जांच के लिए हमने उसका कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस पर सर्च किया। एक्स यूजर ‘Adv.Sujeet Pasi’ ने इस क्लिप को 1 फरवरी 2024 को पोस्ट करते हुए इसे ईवीएम के खिलाफ हुए प्रदर्शन का बताया था।

इससे यह तो साबित हो गया कि वायरल हो रहा वीडियो पुराना है।

फेसबुक यूजर ‘Dev Kumar’ ने भी 31 जनवरी 2024 को इस वीडियो को अपलोड करते हुए इसे दिल्ली के जंतर-मंतर पर ईवीएम के खिलाफ हुए प्रदर्शन का बताया था। यहां प्रदर्शन की तारीख 31 जनवरी 2024 दी गई है।

‘अमर उजाला’ की वेबसाइट पर 31 जनवरी 2024 को छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, ईवीएम के विरोध में जंतर-मंतर पर भारत मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय किसान मोर्चा, बहुजन मुक्ति पार्टी समेत 22 संगठनों ने प्रदर्शन किया।

इस बारे में हमने दिल्ली में जंतर मंजर पर प्रदर्शन कवर करने वाले दैनिक जागरण के रिपोर्टर नेमिष हेमंत से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो पुराना है, अभी का नहीं। 

क्या है संदर्भ?

चुनाव आयुक्तों के बीच एसआईआर, वोटर डेटा और फॉर्म-6 समेत कुछ मुद्दों पर मतभेदों का दावा करने वाली एक रिपोर्ट ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में प्रकाशित हुई थी। ‘बीबीसी‘ की 28 सितंबर 2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने एक बैठक की, जिसके बाद चुनाव आयोग ने कहा कि एसआईआर से जुड़े सभी बड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे। आयोग ने यह भी कहा कि दो चुनाव आयुक्तों की कैबिनेट सचिव को भेजी गई चिट्ठियां आयोग की किसी नीति या एसआईआर के फैसले से जुड़ी नहीं थीं। इसके बावजूद कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों के सवाल खत्म नहीं हुए हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके सहयोगी दलों ने आयोग के स्पष्टीकरण का स्वागत किया है।

चुनाव आयोग के एक्स हैंडल पर 26 सितंबर 2026 को एक प्रेस नोट पोस्ट किया गया था। इसके अनुसार, “हाल के महीनों में आयोग ने देशभर में SIR सहित कई निर्णय लिए हैं। सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 24.6.2025 को जारी SIR का आदेश, जिसकी शुरुआत बिहार से हुई और बाद में इसे पश्चिम बंगाल तथा 30 अन्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया गया, आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी किया गया था। 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए SIR का कार्यक्रम 27.10.2025 को और 19 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 14.05.2026 को आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी किया गया था।” 

इससे पहले 23 सितंबर 2026 को चुनाव आयोग की तरफ से जारी प्रेस रिलीज में आयुक्तों के मध्य मतभेदों के दावों पर सफाई देते हुए कहा गया, “किसी भी संस्थान में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग विचार और दृष्टिकोण का होना एक सामान्य बात है। ये तथ्य अंतिम निर्णय लिए जाने से पहले, निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। न केवल तीनों आयुक्त, बल्कि आयोग का प्रत्येक अधिकारी चुनावी प्रणाली में सुधार के लिए आयोग को अपने सुझाव देने के लिए पूरी तरह से अधिकृत है।”

‘आजतक’ की 28 सितंबर 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और वामपंथी दलों समेत कई संगठनों ने देशभर में प्रदर्शन किए।

‘ईटीवी भारत’ की 25 सितंबर 2026 की एक खबर के अनुसार, ”दिल्ली के जंतर-मंतर पर एसआईआर के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग को लेकर आयोजित ‘सिटीजन मार्च’ के दौरान भारी हंगामा देखने को मिला। प्रदर्शन में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने अपने सहयोगियों के साथ नारेबाजी की। वहीं, योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को पुलिस ने पहले ही रोक दिया। पुलिस ने इस दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया।”

पुराने वीडियो को हालिया बताकर शेयर करने वाले एक्स यूजर एक खास विचारधारा से प्रभावित हैं। जून 2022 में बने इस अकाउंट के 1,580 फॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हुआ था। हालांकि, वायरल वीडियो जनवरी 2024 में हुए प्रदर्शन का है, जब कई संगठनों ने ईवीएम के विरोध में प्रदर्शन किया था।


  • Claim Review : दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में प्रदर्शन हुआ है।
  • Claimed By : X User- पीडीए परिवार
  • Fact Check : भ्रामक




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