मेदिनीनगर : पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बभंडी गांव में गुरुवार को कानून की धज्जियां उड़ाने वाला एक मामला सामने आया है। बाल विवाह रोकने गई प्रशासनिक टीम पर ग्रामीणों ने संगठित होकर हमला बोल दिया। आक्रोशित भीड़ ने न केवल अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की की, बल्कि रेस्क्यू की गई दोनों नाबालिग लड़कियों को भी पुलिस की गिरफ्त से जबरन छुड़ा ले गए। प्रशासन अब दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
गुप्त सूचना पर हुई थी छापेमारी
जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि बभंडी गांव में दो अलग-अलग परिवारों में नाबालिग लड़कियों का विवाह संपन्न कराया जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए चैनपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) प्रदीप दास के नेतृत्व में एक टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों मंडपों से नाबालिगों को अपने संरक्षण में ले लिया और उन्हें सुरक्षित वाहन तक ले आई।
रणक्षेत्र में बदला गांव, वाहन को घेरा
घटना प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही टीम लड़कियों को लेकर गांव से निकलने लगी, अचानक ग्रामीणों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने प्रशासनिक वाहन को चारों तरफ से घेर लिया।
- धक्का-मुक्की: भीड़ ने अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी और धक्का-मुक्की शुरू कर दी।
- सरकारी कार्य में बाधा: आक्रोशित लोगों ने सरकारी वाहन को क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया और रास्ता जाम कर दिया।
- लड़कियों को छुड़ाया: भारी हंगामे और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर परिजन और ग्रामीण दोनों नाबालिग लड़कियों को पुलिस अभिरक्षा से जबरन छुड़ाकर ले भागे।
प्रशासन का कड़ा रुख: FIR की तैयारी
इस विरोध के बाद प्रशासनिक अमले में भारी नाराजगी है। चैनपुर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कानून को हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
”प्रशासन बाल विवाह जैसी कुरीतियों के खिलाफ प्रतिबद्ध है। सरकारी कार्य में बाधा डालना और पुलिस अभिरक्षा से किसी को छुड़ाना गंभीर अपराध है। हम इस मामले में शामिल सभी ग्रामीणों और परिजनों की पहचान कर रहे हैं। जल्द ही सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी।”
— प्रशासनिक आधिकारिक बयान
क्या है वर्तमान स्थिति?
पुलिस टीम फरार नाबालिगों और उनके परिजनों की तलाश में छापेमारी कर रही है। यह घटना दर्शाती है कि समाज के कुछ हिस्सों में बाल विवाह जैसी प्रथाओं की जड़ें अब भी कितनी गहरी हैं कि लोग प्रशासन से टकराने तक को तैयार हैं।













Leave a Reply