देहरादून : उत्तराखंड में अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच पनपी ईंधन की कमी की अफवाहों का फायदा उठाने वाले कालाबाजारियों पर शासन ने अपना शिकंजा कस दिया है। प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने राज्यव्यापी अभियान चलाते हुए अवैध भंडारण और रिफिलिंग करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पिछले तीन दिनों में विभाग ने कुल 74 गैस सिलेंडर जब्त किए हैं और चार लोगों के विरुद्ध नामजद मुकदमा दर्ज किया है।
अफवाहों का माहौल और प्रशासन की सतर्कता
पिछले कुछ दिनों से ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते वैश्विक तनाव के चलते आम जनता में यह डर बैठ गया था कि आने वाले समय में एलपीजी और ईंधन की भारी किल्लत हो सकती है। इस ‘पैनिक’ का लाभ उठाकर कुछ असामाजिक तत्वों ने सिलेंडरों का अवैध भंडारण और ऊंचे दामों पर बिक्री (कालाबाजारी) शुरू कर दी थी।
हालाँकि, राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सुचारू है और जनता को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
छापेमारी के मुख्य बिंदु
आयुक्त (नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 10 मार्च से 12 मार्च के बीच विभाग ने पूरे प्रदेश में सघन चेकिंग अभियान चलाया:
- कुल निरीक्षण: 280 स्थानों पर अधिकारियों ने दबिश दी।
- छापेमारी: 58 विशेष ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई की गई।
- जब्ती: 74 अवैध सिलेंडर, एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा और दो रिफिलिंग किट बरामद।
- कानूनी कार्रवाई: 4 लोगों पर FIR दर्ज की गई और 4600 रुपये का तत्काल अर्थदंड वसूला गया।
“कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं”: आयुक्त की चेतावनी
नागरिक आपूर्ति आयुक्त ने सख्त लहजे में कहा कि सरकार उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा:
”किसी भी स्थिति में घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग या उनकी अवैध रिफिलिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो लोग संकट का भ्रम फैलाकर जनता को लूटने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी धाराएं लगाई जा रही हैं।”
जनता से अपील
विभाग ने आम नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक धनराशि मांगता है या कहीं अवैध रिफिलिंग की जानकारी मिलती है, तो तत्काल जिला पूर्ति कार्यालय या विभागीय हेल्पलाइन नंबर पर इसकी सूचना दें।
प्रशासन की इस मुस्तैदी से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में गैस वितरण व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता आएगी और कालाबाजारियों के हौसले पस्त होंगे।














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