मेदिनीनगर (पलामू):जिले के अंतर्गत सतबरवा प्रखंड की ग्राम पंचायत बोहिता में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक वैवाहिक प्रतिभोज में शामिल होने के बाद सैकड़ों लोग गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। मामला फूड पॉइजनिंग (खाद्य विषाक्तता) का है, जिससे पूरे गांव में आपातकालीन स्थिति उत्पन्न हो गई है।
भोज के बाद बिगड़ने लगी तबीयत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम बोहिता निवासी हरिशंकर शर्मा जी के सुपुत्र के विवाह के उपलक्ष्य में प्रतिभोज का आयोजन किया गया था। मेहमानों और स्थानीय ग्रामीणों ने बड़े उत्साह के साथ भोज (पूड़ी-बुनिया और सब्जी) ग्रहण किया। हालांकि, भोजन के कुछ ही घंटों बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। देखते ही देखते सैकड़ों लोगों को लगातार उल्टी और दस्त (Vomiting and Diarrhea) की शिकायत होने लगी।
गांव में चीख-पुकार, स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव
देर रात शुरू हुआ यह सिलसिला सुबह होते-होते विकराल रूप ले चुका था। बीमारों में बच्चों और बुजुर्गों की संख्या काफी अधिक बताई जा रही है। स्थिति इतनी गंभीर है कि स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की कतार लग गई है। कई मरीजों की स्थिति नाजुक देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेदिनीनगर स्थित एमएमसीएच (MMCH) रेफर किया गया है।
मुख्य बिंदु:
- कारण: प्रारंभिक जांच में पूड़ी-बुनिया और सब्जी के दूषित होने की आशंका जताई जा रही है।
- प्रभावित: बोहिता पंचायत के लगभग हर दूसरे घर में कोई न कोई सदस्य बीमार है।
- प्रशासनिक तत्परता: स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को सूचित कर दिया गया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव में ही मेडिकल कैंप लगाकर तत्काल राहत पहुंचाई जाए।
विशेषज्ञों की राय
चिकित्सकों के अनुसार, गर्मी के मौसम में भोजन जल्दी खराब हो जाता है। यदि बुनियादी स्वच्छता का ध्यान न रखा जाए, तो साल्मोनेला या अन्य बैक्टीरिया भोजन को जहरीला बना देते हैं।
”ऐसी स्थिति में मरीजों को निर्जलीकरण (Dehydration) से बचाना प्राथमिकता है। ओआरएस (ORS) का घोल और निरंतर तरल पदार्थ देते रहना चाहिए।” — स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी













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