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बहरीन में जासूसी के आरोप में नहीं पकड़ा गया किसी भारतीय नागरिक को, फेक पोस्‍ट हुई वायरल-No Indian national arrested in Bahrain for espionage false post goes viral

विश्वास न्‍यूज की जांच में बहरीन में भारतीय जासूस के पकड़े जाने का वायरल दावा पूरी तरह से बेबुनियाद है। वहां किसी भी भारतीय नागरिक को जासूसी के आरोप में नहीं पकड़ा गया है।

नई दिल्‍ली (विश्वास न्‍यूज)। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग जारी है। सोशल मीडिया पर इससे संबंधित कई प्रकार के वीडियो, तस्वीरें और फेक कंटेंट वायरल हो रहे हैं। अब एक तस्‍वीर को वायरल करते हुए दावा किया गया है कि बहरीन में भारतीय नागरिक नितिन मोहन को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस पोस्‍ट को सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं।

विश्वास न्‍यूज ने विस्‍तार से इसकी पड़ताल की। यह बेबुनियाद साबित हुआ। बहरीन में किसी भारतीय नागरिक को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार नहीं किया गया है। वायरल पोस्‍ट फर्जी है।

क्‍या हो रहा है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘खलील अहमद’ ने 11 मार्च 2026 को एक पोस्‍ट में दावा किया, “बहरीन में जासूसी के आरोप में भारतीय नागरिक नितिन मोहन को गिरफ्तार किया गया है। पेशे से टेलीकॉम इंजीनियर नितिन मोहन पर आरोप है कि वह इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद को संवेदनशील सूचनाएं मुहैया करा रहा था। बताया जा रहा है कि उसने डेटा, नक्शे और कुछ वीडियो जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां मोसाद तक पहुंचाई थीं। बहरीन की सुरक्षा एजेंसियों ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।”

वायरल पोस्‍ट को सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों ही लिखा गया है। इसका आर्काइव वर्जन यहां देखें।

पड़ताल

विश्वास न्‍यूज ने वायरल दावे की सच्‍चाई जानने के लिए सबसे पहले गूगल ओपन सर्च टूल का इस्‍तेमाल किया। संबंधित कीवर्ड से सर्च करने पर हमें ऐसी एक भी खबर नहीं मिली, जो वायरल दावे की पुष्टि कर सके। हमें सर्च के दौरान विदेश मंत्रालय के आधिकारिक फैक्ट चेक एक्‍स हैंडल ‘MEA FactCheck’ पर एक पोस्‍ट मिली। इसमें वायरल दावे को झूठ बताते हुए 10 मार्च 2026 को एक पोस्‍ट की गई थी। इसमें लिखा गया कि यह फर्जी खबर है। सोशल मीडिया पर इस तरह के झूठे और निराधार दावों से सावधान रहें।

पड़ताल के दौरान हमें बहरीन के आंतरिक मंत्रालय द्वारा 9 मार्च, 2026 को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति मिली। अरबी भाषा के इस प्रेस नोट में जानकारी दी गई कि साइबर अपराध विभाग ने एशियाई मूल के 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने ईरान के जघन्य हमलों के प्रभावों से संबंधित वीडियो क्लिप फिल्माए, प्रकाशित किए या पुनः प्रकाशित किए। प्रेस नोट के साथ दी गई आरोपियों की तस्‍वीरों को नीचे देखा जा सकता है। इसमें किसी भारतीय को अरेस्‍ट नहीं किया गया है।

विश्वास न्‍यूज ने पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए वायरल तस्‍वीर को ध्‍यान से देखा। इसमें व्‍यक्ति की दोनों आंखों में अंतर नजर आया। इससे तस्‍वीर के एआई-निर्मित होने का हमें अंदेशा हुआ। इसलिए हमने एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद से वायरल तस्‍वीर की सच्‍चाई जानने का प्रयास किया।

सबसे पहले ‘AIOrNot’ टूल की मदद ली गई। यहां तस्‍वीर को अपलोड करके स्‍कैन करने पर इसके एआई-क्रिएटेड होने की संभावना की पुष्टि हुई।

इसी तरह ‘nvidia’ टूल की एनालिसिस में वायरल तस्‍वीर के डीपफेक होने की संभावना की पुष्टि हुई।

विश्वास न्‍यूज ने जांच के दौरान एआई एक्‍सपर्ट एस.के. साहिद से संपर्क किया और वायरल तस्‍वीर को उनके साथ शेयर किया। उन्‍होंने बताया कि वायरल तस्‍वीर को यदि जूम करके देखा जाए तो शख्‍स की दोनों आंखों में अंतर देखा जा सकता है। इसके अलावा जिस प्रकार टेक्‍स्‍ट लिखा गया है, वह असली नोटपैड में ऐसा नहीं होता है। इस तस्‍वीर को एआई की मदद से बनाया गया है।

पड़ताल के दौरान हमें पता चला कि बहरीन स्थित भारतीय दूतावास ने 9 मार्च को एक एडवाइजरी जारी की थी। यह खासतौर पर बहरीन में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए जारी की गई थी। इसमें वर्तमान हालात को देखते हुए सतर्क रहने, उचित सावधानी बरतने और स्थानीय अधिकारियों के सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने का आग्रह किया था।

28 फरवरी से जारी है जंग

28 फरवरी से यह जंग जारी है। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला किया था। इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हुई है। इसके बाद ईरान ने इजरायल, बहरीन, कुवैत, कतर और संयुक्त अरब अमीरात सहित पूरे वेस्ट एशिया में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए हैं।

जांच के अंतिम चरण में फर्जी पोस्‍ट करने वाले यूजर की जांच की गई। पता चला कि यह यूजर नूंह (हरियाणा) का रहने वाला है। इसे फेसबुक पर 11 हजार से ज्‍यादा लोग फॉलो करते हैं।

निष्‍कर्ष: विश्वास न्‍यूज की जांच में बहरीन में भारतीय जासूस के पकड़े जाने का वायरल दावा पूरी तरह से बेबुनियाद है। वहां किसी भी भारतीय नागरिक को जासूसी के आरोप में नहीं पकड़ा गया है।


  • Claim Review : बहरीन में जासूसी के आरोप में भारतीय नागरिक नितिन मोहन को गिरफ्तार किया गया।
  • Claimed By : FB User Khalil Ahmed
  • Fact Check : झूठ




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