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फिलिस्तीन में मुश्किल हालात में लोगों के बारिश में रोजा खोलने का वीडियो AI निर्मित AI-created video of people breaking their fast in the rain in difficult conditions in Palestine

फिलिस्तीन में लोगों ने बारिश में खोला रोजा। वीडियो किसी असली घटना का नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बनाया गया है। 

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष से जोड़ते हुए एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोगों को बारिश में काफी बुरे हालात में अपने हाथ में पानी और एक खजूर लिए देखा जा सकता है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह फिलिस्तीन का है, जहां लोगों ने बुरे हालात में बारिश में भीगते हुए रोजा खोला।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह वीडियो किसी असली घटना का नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बनाया गया है। 

क्या हो रहा है वायरल?

एक्स यूजर ‘Haji Nizamuddin Abbasi’ ने 25 फरवरी 2026 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “फिलिस्तीन के लोग खुले आसमान के नीचे रोजा खोलने के इंतजार में रब से दुआ करते हुए। सब कुछ बर्बाद हो जाने के बाद इनके ईमान चट्टान की तरह मजबूत हैं।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी कोई न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली। वीडियो को गौर से देखने पर हमने पाया कि इसमें कई तकनीकी कमियां हैं। इसमें लोग रोबोट जैसे लग रहे हैं। ऐसे में हमें वीडियो के एआई-निर्मित होने की संभावना नजर आई।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने एआई डिटेक्शन टूल्स का इस्तेमाल किया। ‘Hive Moderation’ ने इस वीडियो के 99.9 फीसदी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बने होने का संकेत दिया।

हमने ‘matrix.tencent’ टूल का भी इस्‍तेमाल किया। यहां वायरल वीडियो को सर्च करने पर नतीजों से पता चला कि यह वीडियो एआई की मदद से बनाया गया है। टूल ने 97.7 फीसदी तक वीडियो के एआई से बने होने की संभावना जताई। 

एक दूसरे टूल ‘undetectable’ ने वीडियो के 93 फीसदी एआई होने की संभावना जताई।

हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो ‘bubacar.diallo’ नाम के टिकटॉक अकाउंट पर मिला। एक्सप्रेस वीपीएन की मदद से हमने इस अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि वीडियो को पांच दिन पहले शेयर किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, वीडियो एआई जनरेटेड है। हमने यह भी पाया कि यूजर ने इस तरह के अन्य एआई वीडियो भी अपने अकाउंट पर शेयर किए हुए हैं।

अधिक जानकारी के लिए हमने एआई टेक्नोलॉजी में काम कर रहे एक्सपर्ट अजहर माचवे से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वीडियो को बनाने के लिए एआई का इस्तेमाल किया गया है। वीडियो में जिस तरह लोग बैठे हैं और प्रतिक्रिया दे रहे हैं, वह काफी अटपटा और रोबोटिक नजर आ रहा है। एक बच्चा जो खजूर खाने की कोशिश कर रहा है, उसके हाथ-पैर की बनावट भी रोबोटिक है। जिस तरह से वह खजूर खा रहा है, वह भी रोबोटिक ही है। साथ ही, वीडियो में एक शख्स का एक हाथ ही नहीं है। इन सभी बातों से यह समझा जा सकता है कि इस वीडियो को एआई से बनाया गया है।

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को 54 हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर जुलाई 2020 से एक्स पर सक्रिय है। यूजर ने प्रोफाइल में खुद को दिल्ली का रहने वाला बताया है।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि मुश्किल हालात में फिलिस्तीन में लोगों ने बारिश में खोला रोजा। वीडियो किसी असली घटना का नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बनाया गया है। 


  • Claim Review : फिलिस्तीन में बारिश में लोगों ने खोला रोजा।
  • Claimed By : X User Haji Nizamuddin Abbasi
  • Fact Check : झूठ




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