मेदिनीनगर : नगर निगम चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जनता का झुकाव विकास की निरंतरता और जमीनी संघर्ष की ओर है। तमाम राजनीतिक अटकलों, कयासों और कांटे की टक्कर के दावों को दरकिनार करते हुए, भाजपा समर्थित महापौर प्रत्याशी अरुणा शंकर ने शानदार जीत दर्ज कर इतिहास दोहराया है। इस जीत के साथ ही वे लगातार दूसरी बार मेदिनीनगर की मेयर चुनी गई हैं।
कड़े मुकाबले में परास्त हुए प्रतिद्वंदी
मतगणना के दौरान मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। पहले राउंड में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी नम्रता त्रिपाठी ने बढ़त बनाकर मुकाबले में सस्पेंस पैदा कर दिया था, लेकिन दूसरे राउंड से ही अरुणा शंकर ने जो रफ्तार पकड़ी, वह अंतिम राउंड तक जारी रही।
मतों का गणित:
- अरुणा शंकर (विजेता): 24,169 मत
- नम्रता त्रिपाठी (निकटतम प्रतिद्वंदी): 21,047 मत
- पूनम सिंह (झामुमो समर्थित): 12,809 मत
अरुणा शंकर ने नम्रता त्रिपाठी को 3122 मतों के निर्णायक अंतर से शिकस्त दी, जबकि झामुमो प्रत्याशी तीसरे स्थान पर रहीं।
“जनता के विश्वास को विकास में बदलूँगी”
अपनी ऐतिहासिक जीत के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए अरुणा शंकर भावुक नजर आईं। उन्होंने इस जीत को अपनी व्यक्तिगत जीत न मानकर मेदिनीनगर की जनता को समर्पित किया। उन्होंने कहा:
”यह जीत मेरी नहीं, बल्कि मेदिनीनगर की जनता के अटूट विश्वास, उनके प्यार और विकास के प्रति उनके समर्पण की जीत है। जनता ने मुझे जो कमान सौंपी है, मैं उनकी उम्मीदों और आकांक्षाओं पर हर संभव खरा उतरने का प्रयास करूंगी। आने वाला कार्यकाल चुनौतियों भरा जरूर हो सकता है, लेकिन विकास की गति रुकने नहीं दी जाएगी।”
ऐतिहासिक विजय जुलूस: जनसैलाब में बदली जीत की खुशी
जीत की आधिकारिक घोषणा के बाद शहर में उत्सव का माहौल देखा गया। फूलों से दुल्हन की तरह सजी खुली गाड़ी पर सवार होकर अरुणा शंकर ने विजय जुलूस निकाला। ढोल-नगाड़ों की थाप, अबीर-गुलाल की उड़ती चादर और समर्थकों के जयघोष ने शहर की सड़कों को उत्साह से भर दिया।
राजनीतिक दिग्गजों का मिला साथ:
जुलूस में केवल जनता ही नहीं, बल्कि कई बड़ी राजनीतिक हस्तियां भी शामिल हुईं। पलामू के सांसद बी.डी. राम, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री भानुप्रताप शाही, भाजपा प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह और जिलाध्यक्ष अमित तिवारी ने मौके पर मौजूद रहकर अरुणा शंकर को बधाई दी और इसे संगठन व नेतृत्व की जीत बताया।
विकास का नया अध्याय
लगातार दूसरी बार मेयर की कुर्सी संभालते हुए अरुणा शंकर के सामने अब जनता की बढ़ी हुई अपेक्षाएं होंगी। विश्लेषकों का मानना है कि इस जीत ने मेदिनीनगर की राजनीति में अरुणा शंकर को ‘भरोसे के प्रतीक’ के रूप में स्थापित कर दिया है। शहर की जनता ने स्थिर नेतृत्व और निरंतरता को चुना है, जिससे आने वाले समय में रुके हुए प्रोजेक्ट्स में तेजी आने की उम्मीद है।
आज की सुर्खी: “संघर्ष से शिखर तक — मेदिनीनगर ने फिर चुना अपना विश्वास।”













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