रांची: झारखंड विधानसभा के चल रहे बजट सत्र के बीच आज शाम विधानसभा परिसर एक अलग ही रंग में रंगा नजर आया। अवसर था होली मिलन समारोह का, जहाँ पक्ष और विपक्ष के तमाम भेद मिट गए और चारों ओर आपसी प्रेम व सौहार्द का नजारा देखने को मिला।
फूलों की होली और सौहार्द का संदेश
समारोह की शुरुआत में विधानसभा अध्यक्ष श्री रबीन्द्र नाथ महतो और मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर पर्व की बधाई दी। इसके पश्चात, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, मंत्रिमंडल के सदस्यों और विभिन्न दलों के विधायकों ने पारंपरिक तरीके से फूलों की होली खेली। विधानसभा परिसर “होली है” के जयकारों और पारंपरिक गीतों से गूंज उठा।
मुख्यमंत्री का संदेश: खुशियों के रंगों से भरी रहे जिंदगी
इस विशेष अवसर पर मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने समस्त राज्यवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा:
”होली मात्र रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि यह हमारे पारस्परिक प्रेम, आपसी भाईचारा और अटूट सौहार्द का प्रतीक है। मैं कामना करता हूँ कि हर झारखंडी के जीवन में खुशियों का रंग हमेशा बरकरार रहे।”
मुख्यमंत्री ने आगे जोर देते हुए कहा कि यह पर्व हमें पुरानी कड़वाहटों को भुलाकर गले मिलने का संदेश देता है। उन्होंने अपील की कि सभी राज्यवासी इस त्योहार को पूरी उमंग, उत्साह और शालीनता के साथ मनाएं ताकि समाज में भाईचारे की जड़ें और मजबूत हों।
सांस्कृतिक रंगत और एकजुटता
बजट सत्र की गहमागहमी और राजनीतिक चर्चाओं से इतर, आज की शाम पूरी तरह सांस्कृतिक रंगों के नाम रही। मंत्रियों और विधायकों ने एक सुर में कहा कि सदन के भीतर चाहे कितनी भी वैचारिक भिन्नता हो, लेकिन झारखंड की गौरवशाली संस्कृति हमें एकजुट रखती है।
समारोह के अंत में सभी के लिए पारंपरिक व्यंजनों की व्यवस्था की गई थी, जहाँ सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने साथ मिलकर जलपान किया और एक-दूसरे के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।













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