सरायकेला खरसावां : सरायकेला-खरसावां जिले के जिलिंगोड़ा गांव में आज उस वक्त माहौल अत्यंत गमगीन हो गया, जब मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन पूर्व मुख्यमंत्री श्री चंपई सोरेन के पोते, वीर सोरेन के असामयिक निधन पर शोक व्यक्त करने पहुँचे। दिवंगत वीर सोरेन, चंपई सोरेन के पुत्र श्री बाबूलाल सोरेन के ज्येष्ठ पुत्र थे। कम उम्र में हुए इस आकस्मिक निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
पुष्पचक्र अर्पित कर दी भावभीनी विदाई
मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने जिलिंगोड़ा पहुँचते ही सबसे पहले दिवंगत वीर सोरेन के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किया। मुख्यमंत्री ने मौन रहकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान वहां मौजूद जनसमूह की आंखें भी नम थीं।
शोक संतप्त परिवार को बंधाया ढाँढस
श्रद्धांजलि अर्पित करने के पश्चात, मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री श्री चंपई सोरेन और उनके पुत्र श्री बाबूलाल सोरेन सहित परिवार के अन्य सदस्यों से भेंट की। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के साथ काफी समय बिताया और उन्हें इस कठिन घड़ी में साहस बनाए रखने के लिए ढाँढस बंधाया।
मुख्यमंत्री ने परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा:
”यह एक अपूरणीय क्षति है। पुत्र या पौत्र का जाना किसी भी परिवार के लिए सबसे भारी दुःख होता है। मेरी संवेदनाएं चंपई दा और उनके पूरे परिवार के साथ हैं।”
मरांग बुरु से शांति की प्रार्थना
मुख्यमंत्री ने अपनी शोक संवेदना में धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं का सम्मान करते हुए ‘मरांग बुरु’ (सर्वोच्च देवता) से प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार के सदस्यों को इस असहनीय पीड़ा और वज्रपात को सहने की शक्ति दें।
राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे, जिन्होंने इस दुखद घड़ी में उपस्थित रहे।













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