Advertisement

सखी मंडल की दीदियों ने तैयार किया 10 क्विंटल हर्बल गुलाल, फीके पड़ेंगे केमिकल वाले रंग!

​मेदिनीनगर (पलामू): पलामू जिले में इस वर्ष होली का त्योहार न केवल रंगों भरा होगा, बल्कि पूरी तरह सुरक्षित और प्राकृतिक भी होगा। ग्रामीण विकास विभाग के ‘पलाश’ ब्रांड के बैनर तले सखी मंडल की महिलाओं द्वारा तैयार किया जा रहा हर्बल गुलाल बाजार में धूम मचाने के लिए तैयार है। यह पहल न केवल रासायनिक रंगों के दुष्प्रभावों से लोगों को बचा रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई संजीवनी भी दे रही है।

​डीडीसी ने किया हर्बल गुलाल का लोकार्पण

​उपविकास आयुक्त (DDC) जावेद हुसैन ने सखी मंडल द्वारा निर्मित इस प्राकृतिक गुलाल का विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने सखी मंडल की दीदियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बाजार में मिलने वाले मिलावटी और रासायनिक रंगों के बीच यह हर्बल गुलाल एक सुरक्षित विकल्प है।

​”प्राकृतिक रंगों से बना यह गुलाल त्वचा के लिए पूरी तरह सुरक्षित है और पर्यावरण अनुकूल है। महिलाओं का यह प्रयास काबिल-ए-तारीफ है।”

— जावेद हुसैन, डीडीसी पलामू

 

​डीडीसी ने भविष्य की योजनाओं पर सुझाव देते हुए कहा कि महिलाओं को अब हर्बल अगरबत्ती और मच्छर भगाने वाली अगरबत्ती के निर्माण की ओर भी कदम बढ़ाना चाहिए, ताकि उनके आय के स्रोत और अधिक व्यापक हो सकें।

​फूलों और सब्जियों के अर्क से बिखरेंगे रंग

​सखी मंडल की महिलाएं पूरी तरह से प्राकृतिक और रसोई में मिलने वाली सामग्रियों से गुलाल तैयार कर रही हैं। इसमें किसी भी प्रकार के सिंथेटिक पाउडर या शीशे का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। गुलाल बनाने में मुख्य रूप से निम्नलिखित सामग्रियों का उपयोग हो रहा है:

  • ​लाल रंग: बिट (चुकंदर) और उड़हुल के फूल से।
  • ​पीला रंग: हल्दी और गेंदा के फूल से।
  • ​हरा रंग: पालक साग के अर्क से।
  • ​केसरिया रंग: पलाश के फूलों से।
  • ​आधार (Base): शुद्ध आरारोट पाउडर।

​तीन प्रखंडों की महिलाएं संभाल रही हैं कमान

​जिले के लेस्लीगंज, नवडीहा बाजार और छतरपुर प्रखंड की दीदियां इस निर्माण कार्य में जी-जान से जुटी हैं। विशेष रूप से लेस्लीगंज पत्रा आजीविका उत्पादक समूह की पूजा देवी, नुरेशा खातून, रेनू देवी, राणा सिद्दिकी, नागवंती देवी और नुशरत बीबी सक्रिय रूप से नेतृत्व कर रही हैं।

​10 क्विंटल उत्पादन का लक्ष्य, पलाश मार्ट पर उपलब्ध

​प्रशासन ने इस वर्ष करीब 10 क्विंटल हर्बल गुलाल तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इसकी मांग को देखते हुए जिले के सभी प्रखंडों में बिक्री केंद्र बनाए गए हैं। आम नागरिक इसे अपने नजदीकी ‘पलाश मार्ट’ से आसानी से खरीद सकते हैं। गुणवत्ता और सुरक्षा के कारण लोग कैमिकल युक्त रंगों के बजाय इसे प्राथमिकता दे रहे हैं।

​आर्थिक सशक्तिकरण की नई मिसाल

​हर्बल गुलाल का यह प्रोजेक्ट महज एक व्यावसायिक गतिविधि नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण का एक बड़ा जरिया बन गया है। इससे:

  1. ​स्थानीय महिलाओं को घर के पास रोजगार मिला है।
  2. ​समूह की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है।
  3. ​स्वदेशी उत्पादों के प्रति जनता का विश्वास बढ़ा है।

​कार्यक्रम में उपस्थिति:

लोकार्पण समारोह के दौरान जिला एनडीसी पलामू, डीपीएम अनीता सी. केरकेट्टा, जिला प्रबंधक नवल किशोर राजू, अख्तर अंसारी, प्रवीण सिंह और बीपीओ सुनील कुमार सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति और उत्पादक समूह की दीदियां मौजूद रहीं।

 पलामू की महिलाओं का यह हुनर साबित कर रहा है कि यदि सही दिशा और समर्थन मिले, तो पारंपरिक त्योहारों को भी आजीविका का सशक्त माध्यम बनाया जा सकता है। इस बार की होली पलामू के लिए ‘हर्बल’ और ‘खुशहाल’ होने वाली है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright 2026. All right reserved. Loktantra TV News Website Design by E- MEDIA Web & App - 7999906109
error: Content is protected !!